संवाददाता, जमशेदपुर
नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (एनएसयू) का चौथा दीक्षांत समारोह शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में mआयोजित हुआ. समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के 1600 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई. झारखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों की प्रतिभा को विकसित करने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का कार्य कर रही है.
राज्यपाल बोले- डिग्री नहीं, समाज और देश के लिए किया गया काम ही असली पहचान
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी का वास्तविक मूल्यांकन केवल उसकी डिग्री से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित और समाज के लिए किए गए कार्यों से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत समृद्ध है और यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. आज का दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप का है. ऐसे में विद्यार्थियों को केवल बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की तथा नशा मुक्त युवा भारत अभियान में विश्वविद्यालयों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त और अनुशासित युवा ही विकसित भारत के निर्माण में सबसे बड़ी शक्ति बन सकते हैं.
34 कोर्स और मेडिकल कॉलेज बना पहचान
इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 34 प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही विश्वविद्यालय परिवार की ओर से आदित्यपुर में 950 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल तथा 200 एमबीबीएस सीटों वाले मेडिकल कॉलेज का संचालन भी किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिल रही है.
26 छात्रों ने जीता गोल्ड मेडल
करीब दो घंटे तक चले समारोह में 34 विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं. वर्ष 2025 शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 26 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 26 विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया गया. इसके अलावा 34 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई.
विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने जीता सभी का दिल
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया. कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर होता है. यह केवल डिग्री प्राप्त करने का क्षण नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा के संकल्प का अवसर भी है. उन्होंने सभी विद्यार्थियों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता, उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं.
