ये सफेद फूल खिले तो समझिए मां दुर्गा आने वाली हैं, जानें क्या है मान्यता

गालूडीह के ग्रामीण इलाकों में काश के सफेद फूलों ने बिछाई चादर, प्रकृति के इस बदलाव से मां दुर्गा के आगमन और शारदीय नवरात्र की आहट महसूस होने लगी है।

गालूडीह : शारदीय नवरात्र के आगमन से पहले ही गालूडीह के ग्रामीण इलाकों में प्रकृति ने त्योहार का संदेश देना शुरू कर दिया है. क्षेत्र के खेत-खलिहानों, नदी किनारे, सड़क किनारे और खाली पड़ी जमीन पर काश के सफेद फूल खिल उठे हैं. हवा के झोंकों के साथ झूमते काश के फूलों की अठखेलियां ग्रामीणों को मां दुर्गा के आगमन का एहसास करा रही हैं. सुबह और शाम इन सफेद फूलों से सजे ग्रामीण इलाकों का दृश्य लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है.

जगह-जगह बिछ गयी काश के फूलों की सफेद चादर

गालूडीह के पास सुवर्णरेखा नदी के आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह काश के फूलों की सफेद चादर बिछ गयी है. बारिश के मौसम के बाद प्रकृति में आये इस बदलाव के साथ ही मौसम भी करवट लेने लगा है. ग्रामीणों का कहना है कि काश के फूलों का खिलना शरद ऋतु के आगमन और दुर्गापूजा के नजदीक आने का संकेत माना जाता है. काश के फूल देखते ही लोगों के मन में पूजा की तैयारियों और त्योहार की यादें ताजा होने लगी हैं.

गांवों में बढ़ने लगी पूजा की चहल-पहल

काश के फूलों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गापूजा को लेकर हलचल भी बढ़ने लगी है. पूजा समितियां पंडाल, प्रतिमा और सजावट को लेकर तैयारियों में जुटने लगी हैं. ग्रामीणों के लिए काश के फूल सिर्फ प्रकृति की खूबसूरती नहीं, बल्कि त्योहार के आगमन का संकेत भी हैं. सफेद काश के बीच से गुजरती ग्रामीण पगडंडियां और सुवर्णरेखा किनारे का मनमोहक नजारा इन दिनों गालूडीह के ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बरबस अपनी ओर खींच रहा है. प्रकृति के इस संदेश के साथ ही लोगों को अब मां दुर्गा के आगमन और शारदीय उत्सव का बेसब्री से इंतजार है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >