जमशेदपुर: गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गदड़ा रेलवे लाइन पर मिले गुलशन कुमार के शव मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाते हुए खुलासा किया है कि गुलशन की मौत रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। गुलशन की हत्या उसके ही दोस्त जय कुमार उर्फ जय कर्मकार और उसके साथियों ने मिलकर की थी। आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को रेलवे लाइन पर फेंक दिया था। पुलिस ने गुलशन हत्याकांड के मुख्य आरोपी जय कुमार उर्फ जय कर्मकार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में जय ने हत्या में शामिल अन्य चार साथियों के नाम भी पुलिस को बताये हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
गोविंदपुर थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि गत 13 अप्रैल को पुलिस ने गुलशन का शव बरामद किया था। उस वक्त पुलिस ने यूडी केस दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर खुलासा हुआ कि गुलशन की मौत ट्रेन दुर्घटना में नहीं, बल्कि दम घुटने और गला दबाने से हुई थी। पोस्टमार्टम में मारपीट के निशान भी पाये गये। इसके बाद पुलिस ने यूडी केस को हत्या के मामले में तब्दील कर दिया। पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ायी, जिससे कातिल तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने बताया कि घटना के दिन मुख्य आरोपी जय ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर गुलशन को घेर लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की। मारपीट के कारण जब गुलशन अधमरा होकर गिर पड़ा, तो आरोपियों ने रस्सी से उसका गला घोंट दिया। हत्या को हादसे या ट्रेन से कटने का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी जय कर्मकार की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गयी रस्सी बरामद की है।
जेल की पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2022 में जय और गुलशन गोविंदपुर यार्ड सेक्टर में हुई एक डकैती के मामले में साथ-साथ जेल गये थे। दोनों डकैती के मामले में पार्टनर भी थे। जेल में ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो जेल से बाहर आने के बाद और गहराता गया। इसी बात को लेकर गुलशन बार-बार जय और उसके दोस्तों के साथ मारपीट करता था। उन्हें गाली-गलौज भी करता था। इसी रंजिश के कारण जय ने उसकी हत्या की योजना बनायी और फिर अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
