एक साल बाद भी जिंदा हैं रामदास सोरेन के विचार, पुण्यतिथि पर नेताओं ने कह दी यह बात

जमशेदपुर के परसुडीह में झामुमो के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामदास सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद किया.

जमशेदपुर : झारखंड आंदोलन की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ झामुमो नेता स्वर्गीय रामदास सोरेन को उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. परसुडीह के प्रमथनगर स्थित झामुमो कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके संघर्ष, विचार और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा. श्रद्धांजलि सभा के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय रामदास सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन किया.

विकास के मुद्दों को भी मजबूती के साथ उठाया

उपस्थित लोगों ने कहा कि रामदास सोरेन ने अपने राजनीतिक जीवन में समाज और राज्य के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ झारखंड आंदोलन, राज्य के अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया. वक्ताओं ने कहा - उनके विचार और संघर्ष केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज भी समाज को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं. मौके पर उपस्थित लोगों ने उनके बताए रास्ते पर चलने और समाज व राज्य के हित में कार्य करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में झामुमो के वरिष्ठ नेता देवजीत मुखर्जी, बहादुर किस्कू, मनोज नाथ, सरोज मंडल, राजेश घोष, राकेश घोष, हिमांशु दे, अनिल मुंडा समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।


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लेखक के बारे में

By दशमत सोरेन

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

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