लोको कॉलोनी में मां पहाड़ी को विदाई देने उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
Copied link
भव्य शोभायात्रा निकाल कर तुलुगू रीति-रिवाज से मां पहाड़ी को विदाई गयी. मौके पर जमकर आतिशबाजी की गयी.
jamshedpur.
लोको रिक्रिएशन क्लब के तत्वाधान में रेलवे लोको कॉलोनी में आयोजित सात दिवसीय पहाड़ी पूजा मंगलवार को संपन्न हो गयी. तेलुगू रीति-रिवाज से मां को विदाई दी गयी. संध्या आठ बजे के बाद मां की विदाई यात्रा निकली. जिसमें झांकियां आकर्षण का केंद्र रही. शिव-पार्वती, राम दरबार, बजरंगबली, मां काली के साथ दक्षिण भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित कई झांकियां देखते ही बन रही थी. मां काली और बजरंग बली की झांकी श्रद्धालुओं के साथ पैदल चल रही थी. हाथों में गदा लिए बजरंग बली रास्ते भर उछल-कूदकर करतब दिखाते रहे तो मां काली ने हाथ में खून से लथपथ खड्ग थाम रखा गया. जिसका रास्ते भर रुक-रुककर दीदार कर लोग विभोर होते रहे. सबसे पहले श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन दिये और आशीर्वाद लिया. इस दौरान रास्ते भर के मां के जयकारे लगते रहे. साथ में नृत्य व अन्य करतब दिखाने वाले कलाकारों की टीम थी. रास्ते भर आतिशबाजी भी होती रही. ओडिशा और आंध्रप्रदेश की टीम ने आतिशबाजी की. मां की विदाई में किन्नरों ने भी उत्साह पूर्वक भाग लिया. अनुष्ठान में मुख्य अतिथि लोको रिक्रिएशन क्लब के संरक्षक व विधायक मंगल कालिंदी, पंकज सिन्हा, राजकुमार सिंह, सपन मजूमदार, कन्हैया सिंह व अन्य शामिल हुए. मुख्य अतिथि ने अनुष्ठान की भूरि-भूरि प्रशंसा की और सभी को शुभकामनाएं दी.
भक्तों ने मां के पांव पखार लिया आशीर्वाद
गाजे-बाजे के साथ मां गोलपहाड़ी मंदिर पहुंची. गोलपहाड़ी मंदिर में भी देर तक मां की पूजा की गयी. मंदिर प्रवेश से पहले नींबू से मां की नजर उतारी गयी. इसके साथ मां को मंदिर में स्थान और शयन दिया गया. विदाई दिन मां को देवी कुमारम्मातल्ली का रूप दिया गया. रेलवे लोको कॉलोनी स्थित मंदिर में दोपहर तीन बजे करीब चार किलोग्राम हल्दी से मां को रूप दिया गया. कुमकुम, सिंदूर, काजल, सुगंधित फूल, इत्र आदि से शृंगार किया गया और मां को मुकुट पहनाया गया. गोलपहाड़ी यात्रा से पूर्व कर्पूर से मां की आरती की गयी. मुख्य व्रती एम नीला ने मां की मुख्य जंगड़ी माथे पर उठाया. इसके साथ मां की विदाई यात्रा शुरू हो गयी. रास्ते में हल्दी व नीम पत्ती युक्त जल से श्रद्धालुओं ने मां के पांव पखारकर आशीर्वाद लिया.
लोको में पूजा के साथ मंदिर के पट खुले
सुबह लोको कॉलोनी स्थित मंदिर में मां की विधि-विधान के साथ पूजा की गयी. इसके साथ मंदिर के पट खोल दिये गये. व्रतियों, मन्नत पूर्ण होने वाली व मन्नत मांगने वाली श्रद्धालुओं के साथ अन्य लोगों ने मां के दर्शन किये. अंत में प्रसाद का वितरण किया गया. खड़गपुर के पुजारी परमेश्वर और लोको पहाड़ी मंदिर के पुजारी निमाई चंद्र दास, शुभम भार्गव, आकाश भार्गव, देवेंद्र पाडी ने पूजा की. अनुष्ठान में एनवी आर मूर्ति, केएन मूर्ति, वी केशव राव, पी संतोष कुमार, एम सतीश कुमार सहित शहर के विभिन्न आंध्र संस्थाओं के सदस्य व अन्य शामिल हुए. इसे सफल बनाने में लोको रिक्रिएशन क्लब के सदस्यों का योगदान रहा.
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.