Fact Check : रतन टाटा का फेक मैसेज हुआ वायरल, ट्वीट कर किया स्‍पष्‍ट

टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा का एक फेक संदेश इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि व्यावसायिक पेशेवरों के लिए रतन टाटा ने लघु संदेश जारी किया है. लेकिन रतन टाटा ने ट्वीट कर संदेश को पूरी तरह से गलत बताया है.

जमशेदपुर : टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा का एक फेक संदेश इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि व्यावसायिक पेशेवरों के लिए रतन टाटा ने लघु संदेश जारी किया है. लेकिन रतन टाटा ने ट्वीट कर संदेश को पूरी तरह से गलत बताया है.

उन्‍होंने ट्वीट कर कहा है कि ऐसे फेक संदेश से बचना चाहिए. उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा, मैंने इस तरह का कोई भी संदेश नहीं दिया है. उन्‍होंने ऐसे फेक न्‍यूज से बचने को कहा है, साथ ही कहा है कि खबर से पहले उसके सोर्स जरूर जांच लेनी चाहिए.

मालूम हो इससे पहले भी उनका एक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद उन्‍होंने ट्वीट कर उसका खंडन किया था और लिखा था, ‘यह न ही मेरे द्वारा कहा गया है और न ही लिखा गया है. मैं आपसे वॉट्सऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित मीडिया को सत्यापित करने की अपील करता हूं. अगर मुझे कुछ कहना है तो मैं इसे अपने आधिकारिक चैनल पर कहूंगा. आशा है आप सुरक्षित हैं और ध्यान रखेंगे.

वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि रतन टाटा ने कहा कि व्यापार की दुनिया के मेरे प्रिय दोस्त, 2020 बस जीवित रहने का वर्ष है. इस साल आप लाभ और हानि के बारे में चिंता मत करें. इस मैसेज को रतन टाटा ने पूरी तरह से फेक बता दिया है.

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Author: ArbindKumar Mishra

Published by: Prabhat Khabar

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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