खुकड़ाडीह स्कूल में ‘एक्सपर्ट टॉक’, किशोरावस्था और डिजिटल सुरक्षा पर 140 छात्राओं से संवाद

पीएमश्री उच्च विद्यालय खुकड़ाडीह में किशोरवय संबंधों और मोबाइल की लत पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन, 140 छात्राओं ने लिया हिस्सा। तरुण कुमार ने दिया मार्गदर्शन।

नरवा: किशोरावस्था जीवन का ऐसा दौर है, जब बच्चों में शारीरिक और मानसिक बदलाव के साथ भावनात्मक उतार-चढ़ाव भी तेजी से होते हैं. वर्तमान समय में किशोरों में बढ़ती मोबाइल की लत, इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग, रिश्तों को लेकर भ्रम और अवसाद जैसी समस्याएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं. ऐसे में किशोरों से निरंतर संवाद कर उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है.

इसी उद्देश्य से जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्र स्थित पीएमश्री उच्च विद्यालय खुकड़ाडीह में प्रधानाध्यापक अरुण कुमार की पहल पर किशोरवय संबंधों की समझ और मोबाइल की लत विषय पर ‘एक्सपर्ट टॉक’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बच्चों एवं किशोरों के मुद्दों पर लंबे समय से कार्य कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता एवं निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार ने विशेषज्ञ के रूप में छात्राओं के साथ संवाद किया.

लगभग तीन घंटे तक चले कार्यशाला में कक्षा नौवीं एवं दसवीं की करीब 140 छात्राओं ने भाग लिया. इस दौरान किशोरावस्था में होने वाले हार्मोनल बदलाव, शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन, भावनात्मक स्थिति तथा विपरीत लिंग के प्रति स्वाभाविक आकर्षण जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की गई.

तरुण कुमार ने कहा कि किशोरावस्था में विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण और दोस्ती की इच्छा स्वाभाविक है, लेकिन इस उम्र में अपने जीवन के लक्ष्य को समझना और उसके प्रति गंभीर रहना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने छात्राओं को समझाया कि रिश्तों के मायने और उनकी गरिमा को समझते हुए दोस्ती को अपनी ताकत बनाना चाहिए, कमजोरी नहीं. उन्होंने कहा कि जीवन लक्ष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने से किशोरावस्था के आकर्षण में उलझकर भविष्य की संभावनाओं पर विराम लगाने से बचा जा सकता है.

कार्यशाला के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बढ़ने से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों में आई कमी पर भी चर्चा हुयी. वहीं, मोबाइल फोन और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के कारण किशोरों के कम उम्र में भावनात्मक रिश्तों अथवा विवाह जैसे निर्णयों की ओर आकर्षित होने के संभावित कारणों पर भी संवाद किया गया.

डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक

विशेषज्ञ ने छात्राओं को डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक उपयोग, इंटरनेट के सदुपयोग तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, फोटो और वीडियो साझा करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी, मानसिक तनाव या समस्या होने पर भरोसेमंद व्यक्ति अथवा विशेषज्ञ से सहायता लेने में झिझक नहीं करनी चाहिये. छात्राओं को विभिन्न घटनाओं, कानूनों और देशभर की खबरों एवं उदाहरणों के माध्यम से अपनी सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया.

कार्यक्रम के बाद छात्राओं ने कहा कि इस संवाद से उन्हें किशोरावस्था और रिश्तों को समझने का एक नया दृष्टिकोण मिला है. उन्होंने बताया कि अब वे अपने जीवन लक्ष्य और अपनी पहचान को लेकर पहले से अधिक सजग महसूस कर रही हैं. छात्राओं ने विद्यालय में इसी तरह के कार्यक्रम लड़कों के लिए भी आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई, ताकि वे भी किशोरावस्था से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बन सकें.

प्रधानाध्यापक अरुण कुमार ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने सवाल और अनुभव बेझिझक साझा किए, जिससे संवाद काफी जीवंत और प्रभावी रहा. उन्होंने कहा कि किशोर होते बच्चों के साथ इस तरह के संवादात्मक कार्यक्रम वर्तमान समय में बेहद आवश्यक हैं. कार्यक्रम में भारती दुबे, बेबी मार्डी, रेशमा परवीन सहित अन्य शिक्षिकाएं भी उपस्थित थीं.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By संजय सरदार

संजय सरदार को पत्रकारिता का 24 वर्षों का अनुभव हैं. वे वर्ष 2002 से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से राजनीतिक शास्त्र में स्नातक किया है. ग्रामीण पत्रकारिता पर काफी काम किया है. वर्तमान में वे हाता से प्रतिनिधि हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >