आखिर दलमा कॉटेज को लगी किसकी नजर, निर्माण कार्य पर CEC ने लगायी रोक.. पढ़ें पूरी खबर

दलमा में गेस्ट हाउस और कॉटेज निर्माण मामले में CEC ने वन विभाग से जवाब मांगा है और सभी निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है.

जमशेदपुर: दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में गेस्ट हाउस और कॉटेज के निर्माण को लेकर वन विभाग और राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. नयी दिल्ली स्थित चाणक्य भवन में सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीइसी) के समक्ष मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान समिति ने दलमा में सभी तरह के निर्माण कार्य तत्काल बंद करने का निर्देश दिया. साथ ही राज्य सरकार और वन विभाग से निर्माण से जुड़े पूरे मामले पर लिखित जवाब मांगा है. जवाब मिलने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी.

ग्रामीणों की सहमति पर समिति ने मांगा जवाब

सुनवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि निर्माण शुरू करने से पहले ग्रामीणों की सहमति ली गयी थी. इस पर समिति ने सवाल उठाते हुए कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार ग्रामीणों की सहमति निर्माण के बाद लिये जाने की बात सामने आ रही है. समिति ने इस संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा है. साथ ही पीसीसीएफ और चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डेन की सहमति तथा ग्रामीणों से आवश्यक क्लियरेंस लिये जाने के संबंध में भी जानकारी देने को कहा गया है.

पर्यटन विभाग के फंड का भी मांगा हिसाब

समिति ने निर्माण में इस्तेमाल किये गये पर्यटन विभाग के फंड को लेकर भी जानकारी मांगी. फंड की स्वीकृति किस स्तर पर हुई, राशि किस प्रक्रिया के तहत जारी हुई और निर्माण में उसका किस तरह इस्तेमाल किया गया, इसका पूरा ब्योरा मांगा गया है. सुनवाई में सीइसी के चेयरमैन सीपी गोयल, सुनील लियामे और अंजन कुमार मोहंती मौजूद थे. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता और अधिकारी हाइब्रिड मोड में सुनवाई में शामिल हुए.

निर्माण जारी होने की बात पर अधिकारियों को फटकार

आवेदक अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रतीक शर्मा ने समिति को बताया कि दलमा में अभी भी निर्माण कार्य जारी है. इस पर समिति ने अधिकारियों को फटकार लगायी और तत्काल सभी निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया. अब राज्य सरकार और वन विभाग के लिखित जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि निर्माण के लिए किन-किन स्तरों से अनुमति और स्वीकृति ली गयी थी.

15 लक्जरी गेस्ट हाउस-कॉटेज पर भी असर संभव

जमशेदपुर के अधिवक्ता प्रतीक शर्मा ने सीइसी में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य के अति संवेदनशील क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर निर्माण कराया गया है. आवेदन में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की पूर्व अनुमति के बिना पक्के निर्माण कराये जाने का भी आरोप लगाया गया है.

सीइसी के रुख का असर मकुलाकोचा में हाल में तैयार 15 लक्जरी पर्यटक गेस्ट हाउस और कॉटेज पर पड़ सकता है. इनका उद्घाटन तत्कालीन पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने किया था. बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण इन्हें अभी पर्यटकों के लिए शुरू नहीं किया गया है. जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय भी इको सेंसेटिव जोन में निर्माण को लेकर सवाल उठा चुके हैं.

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By Brajesh kumar singh

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