वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
टाटा पावर मजदूर यूनियन ने कंपनी प्रबंधन पर ठेका मजदूरों के आंदोलन को दबाने और उनके कानूनी अधिकारों को कुचलने के लिए नये हथकंडे अपनाने के आरोप लगाये हैं. साथ ही उप श्रमायुक्त से मिलकर मामले में शिकायत की और तत्काल हस्तक्षेप कर इस पर रोक लगाने की मांग की है. वहीं, साकची स्थित सीपीआइ कार्यालय में प्रेस वार्ता कर यूनियन के उपाध्यक्ष अंबुज कुमार ठाकुर, महासचिव निगमानंद पाल, एआइटीयूसी के धनंजय शुक्ला, टेल्को मजदूर यूनियन के महासचिव राम जीवन कामत और टाटा पावर के सचिव पवन कुमार ने कहा कि जबरन मजदूरों से नये बॉन्ड (अनुबंध पत्र) भरवाये जा रहे हैं. उप श्रमायुक्त को सौंपे शिकायत में बताया गया है कि ठेका कंपनियों (जैसे- आरवी इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी) के माध्यम से मजदूरों को निश्चित अवधि के अनुबंध में बांधा जा रहा है. शर्तें थोपी जा रही हैं कि अनुबंध अवधि पूरी होने पर सेवा स्वतः समाप्त हो जायेगी. इसका उद्देश्य पुराने मजदूरों की तरह मिलने वाले स्थायी लाभ और सुविधाओं से मजदूरों को वंचित करना है. मालूम हो कि पूर्व में मजदूरों द्वारा उप श्रमायुक्त को मांग पत्र सौंपा गया था. जिस पर विभाग द्वारा प्रबंधन से मंतव्य मांगा गया है. कानूनी दबाव से बचने के लिए टाटा पावर, ठेका प्रबंधन के साथ मिलकर मजदूरों से जबरन नये अनुबंध पत्र (बॉन्ड) भरवा रही है.
