वरीय संवाददाता, जमशेदपुर जिले में फैल रही मलेरिया बीमारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सख्त है. इसको लेकर सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को पत्र लिखकर कहा कि अब किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण होगा. यदि किसी केंद्र पर ताला बंद मिला या डॉक्टर, नर्स अथवा अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित पाये गये तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी. सिविल सर्जन ने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिया है कि अवकाश पर जाने से पहले कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. बिना पूर्व सूचना या स्वीकृति के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई तय मानी जायेगी. इसके अलावा मलेरिया मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों की प्रतिदिन रिपोर्ट भी सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा.
रिपोर्ट में यह बताना होगा कि किस मरीज का इलाज कौन डॉक्टर कर रहा है और अगले दिन उसकी जिम्मेदारी किस चिकित्सक के पास रहेगी. सोमवार को सिविल सर्जन के द्वारा मानगो क्षेत्र के कई स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया गया. इसमें कई ऐसे स्वास्थ्य केंद्र थे, जो समय से पहले ही बंद पाये गये. वहीं, स्थानीय लोगों ने सिविल सर्जन को बताया कि केंद्र में डॉक्टर नहीं आते हैं.
सिविल सर्जन ने कहा कि बंद मिलने वाले सभी केंद्रों की लिस्ट तैयार की जा रही है. वहां के कर्मचारियों व डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. इसके साथ ही जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की जांच की जायेगी, इसके लिए एक टीम बनायी जा रही है. जो भी केंद्र बंद पाये जाते हैं या समय से पहले बंद कर दिये जा रहे है, वहां के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
