जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में भर्ती ब्रेन मलेरिया से एक बच्चे की मौत हो गयी है. उसका एमजीएम अस्पताल के पीआइसीयू में इलाज चल रहा था. शिशु रोग विभाग के डॉक्टरों ने बताया - कपाली निवासी प्रधान बिरुली के पुत्र हरीश बिरुली (12) की स्थिति काफी गंभीर थी. परिजन गुरुवार की सुबह में बच्चे को एमजीएम अस्पताल लेकर आये थे. जांच में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई. उसे पीआइसीयू में भर्ती कर तत्काल इलाज शुरू किया गया. उसकी गंभीर स्थिति की जानकारी परिजनों को दे दी गयी थी. देर रात इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गयी.
2952 लोगों की जांच में मिले 29 नये मलेरिया संक्रमित
जिले में शु्क्रवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2952 लोगों की जांच की गयी, इसमें 29 नये मलेरिया संक्रमित मिले. इनमें 23 पीएफ (ब्रेन मलेरिया) और 06 पीवी (सामान्य मलेरिया) के मरीज हैं. पोटका में 673 लोगों की जांच की गयी, इनमें 06 लोग संक्रमित पाये गये. सभी मरीजों का इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया है. सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने बताया कि लगातार हो रही जांच और जागरुकता से मलेरिया संक्रमण में कमी आयी है.
क्या है ब्रेन मलेरिया के लक्षण
ब्रेन मलेरिया मलेरिया का गंभीर रूप है, जिसमें संक्रमण मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है. इसके लक्षण तेजी से गंभीर हो सकते हैं. मरीज को तेज बुखार, ठंड लगना, तेज सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत हो सकती है. साथ ही मरीज असामान्य रूप से सुस्त रहने लगता है, भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और उसे बात समझने या जवाब देने में परेशानी हो सकती है. गंभीर मामलों में बेहोशी, बार-बार दौरे पड़ना, सांस लेने में परेशानी और चेतना का स्तर कम होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कुछ मरीजों में पीलिया और पेशाब का रंग गहरा होने जैसी समस्या भी हो सकती है. बेहोशी, दौरे, अत्यधिक सुस्ती या सांस लेने में परेशानी ब्रेन मलेरिया के गंभीर संकेत हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज को बिना देरी किए अस्पताल ले जाना चाहिए. इसकी पुष्टि के लिए रक्त की जांच जरूरी होती है.
