चाकुलिया: झारखंड सरकार के कृषि विभाग के रजिस्ट्रेशन पोर्टल में तकनीकी खामी के कारण चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के 1365 किसान आज भी परेशान हैं. पोर्टल पर चाकुलिया नगर पंचायत का विकल्प उपलब्ध न होने से किसानों को धान अधिप्राप्ति, केसीसी लोन और फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
विधानसभा में उठा था मामला, सरकारी आश्वासन निकला खोखला:
वर्ष 2022 में विधायक समीर मोहंती ने झारखंड विधानसभा के अल्पसूचित प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया था. तब सरकार ने लिखित जवाब में स्वीकार किया था कि वर्ष 2021-22 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर चाकुलिया का नाम अंकित नहीं था, लेकिन आगामी वर्षों के लिए इसे सुधार कर जोड़ दिया गया है. सरकार के इस दावे के बावजूद जमीनी हकीकत नहीं बदली.
धान अधिप्राप्ति के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन तो शुरू हो गया. परंतु केसीसी लोन, फसल बीमा समेत अन्य लाभों के लिए पोर्टल में रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है. विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी पोर्टल पर नाम नहीं आया है और किसान अधर में लटके हैं. लैंपस की बैठक में उठा मुद्दा, मंत्रियों तक पहुंचेगा प्रस्ताव
मामला फिर से गरमाया
गुरुवार को चाकुलिया लैंपस परिसर में नवनिर्वाचित कमेटी के प्रमाण पत्र वितरण समारोह के दौरान यह मामला एक बार फिर गरमाया. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कमेटी की अगली बैठक में इस समस्या के समाधान के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा. इस प्रस्ताव को स्थानीय विधायक और सांसद के माध्यम से सीधे राज्य और केंद्र के कृषि मंत्रियों तक पहुंचाया जाएगा ताकि किसानों को उनका हक मिल सके.
