जमशेदपुर : बर्मामाइंस थाना क्षेत्र अंतर्गत एफसीआइ कंटेनर यार्ड में रविवार की रात करीब साढ़े नौ बजे नशा कारोबार का विरोध करने से नाराज अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैला दी. तीन बाइक पर सवार होकर आए शाहबाज उर्फ भोंदू, रेहान बच्चा, उदय, आयन समेत छह युवकों ने मो अमजद, सोनू, लड्डन, फिरोज व आफताब पर ताबड़-तोड़ 16-17 राउंड गोलियां चलाई. इस जानलेवा हमले में आफताब (47) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे चार गोलियां लगी हैं.
आफताब के साथियों ने हमलावरों पर किया पथराव
फायरिंग के बाद आफताब के साथियों ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावरों पर पथराव किया, जिससे आरोपी मौके से भाग निकले. स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल आफताब को तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार आफताब को बाएं हाथ में दो, पेट में एक और रीढ़ की हड्डी में एक गोली लगी है, जिससे उसके पैर शून्य हो गए हैं और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 11 खोखा व एक मैगजीन बरामद की.
क्या कहा आफताब ने
पुलिस को दिए बयान में आफताब के साथियों ने बताया कि वे एफसीआइ में लेबर सप्लाई का काम करते हैं. शुक्रवार को बर्मामाइंस पुलिस के सहयोग से इलाके में नशा के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली गई थी. इसी से बौखलाकर अपराधियों ने रविवार शाम पुलिया के पास बैठे आफताब को निशाना बनाया. पुलिस ने मामला दर्ज कर भोंदू समेत सभी फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है.
क्या कहती है पुलिस
मामले की जानकारी देते हुए बर्मामाइंस पुलिस ने बताया कि आफताब का उसकी ही बस्ती के रहने वाले भोंदू नामक युवक के साथ किसी बात को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. रविवार रात को दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद भोंदू ने आफताब पर जानलेवा हमला करते हुए गोलियां चला दी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भोंदू मौके से फरार हो गया. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है. फरार आरोपी भोंदू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
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