Jamshedpur News : बिरसानगर : स्कूल वैन चालक को जेल भेजने पर बवाल, संचालकों ने घेरा थाना
Jamshedpur News : बिरसानगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास मामले में बुधवार को पुलिस ने आरोपी वैन चालक टेल्को खड़ंगाझार राधिकानगर निवासी मन्नु कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल : बिना निष्पक्ष जांच वैन चालक को जेल भेजने का आरोप
वैन चालक पर छात्रा ने अश्लील हरकत का लगाया है आरोप, बिरसानगर थाना में दर्ज है केस
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बिरसानगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास मामले में बुधवार को पुलिस ने आरोपी वैन चालक टेल्को खड़ंगाझार राधिकानगर निवासी मन्नु कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. मन्नु कुमार पांडेय को जेल भेजने की सूचना पर देर शाम जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालन समिति के सदस्य उग्र हो गये और भारी संख्या में बिरसानगर थाना पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. संचालकों का आरोप है कि पुलिस ने किसी जांच के बिना ही दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई की है. इस मामले को लेकर बिरसानगर थाना में करीब एक घंटे तक वैन चालक जुटे रहे. इस दौरान उन्होंने पुलिस की जांच पर कई सवाल खड़े किये. इसके अलावा वैन चालक मन्नु कुमार पांडेय को झूठे आरोप में साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया.
वैन चालकों के अनुसार मन्नु पिछले कई वर्षों से वैन चला रहा है. अबतक उसके खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है. छात्रा द्वारा जो आरोप लगाया गया है, वह घटना शनिवार की है. जबकि उसके माता पिता ने दो दिनों बाद पुलिस से शिकायत की है. इसकी भी जांच होना चाहिए. इसके अलावा स्कूल के आसपास सीसीटीवी लगे हैं. उसकी भी जांच होना चाहिए. महज एक आरोप लगाने पर किसी को बेवजह जेल भेजना अनुचित है. वैन चालकों के अनुसार उन्हें कानून पर भरोसा है. अगर मामला गलत पाया गया, तो आरोप लगाने वाले पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. मालूम हो कि बिरसानगर की एक स्कूली छात्रा ने स्कूल वैन चालक पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है. इस संबंध में बिरसानगर थाना में केस दर्ज किया गया है.
थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस ने दी सफाई
हंगामे के कारण थाना परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. पुलिस अधिकारियों ने संचालकों को शांत कराया. पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी, पीड़िता के बयान और उपलब्ध प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की गयी है. हालांकि, आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच के द्वार अभी बंद नहीं हुए हैं और हर पहलू को गंभीरता से देखा जा रहा है.