जमशेदपुर: भारतीय मजदूर संघ, पूर्वी सिंहभूम की ओर से सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन का नेतृत्व श्रमिक प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार सिंह ने किया.
धरना के दौरान संघ की ओर से सरकार के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया. ज्ञापन में श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की मांग की गई. साथ ही सरकार से श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ समयबद्ध बातचीत शुरू करने का आग्रह किया गया.
संघ के प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार को संबंधित मंत्रालयों, विभागों और प्राधिकरणों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से उठाई गई मांगें केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक न्याय, उचित वेतन और श्रम की गरिमा से भी जुड़ी हुई हैं. इन समस्याओं का समाधान होने से कर्मचारियों के जीवन स्तर और कार्य परिस्थितियों में सुधार होगा. साथ ही कर्मचारियों, नियोक्ताओं और सरकार के बीच बेहतर औद्योगिक संबंध स्थापित होंगे.
ये हैं मजदूर संघ की प्रमुख मांगें
- आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और अन्य स्कीम वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए.
- बैंकों में सप्ताह में केवल पांच दिन कार्य करने की व्यवस्था लागू की जाए.
- लेबर कोड में मौजूद मजदूर-विरोधी प्रावधानों को हटाकर आवश्यक संशोधन किया जाए.
- हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी), रांची और आठ राज्यों में स्थित 23 नेशनल टेक्सटाइल मिलों के कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान किया जाए.
- भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में कार्यरत डेवलपमेंट अफसरों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और वेतन में कटौती या बर्खास्तगी जैसे कदमों पर रोक लगाई जाए.
धरना-प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और सरकार से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की. संगठन का कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा.
