बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में धान की खेती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. क्षेत्र में अब तक करीब 90 प्रतिशत रोपनी पूरी हो चुकी है. पौधे तेजी से तैयार हो रहे हैं. हालांकि, मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों के खेतों में पानी भर गया है. इससे किसानों में धान के पौधे सड़ने और फसल नष्ट होने की आशंका को लेकर चिंता है. फसल को बचाने के लिए किसान खुद खेतों की मेढ़ काटकर अतिरिक्त पानी बाहर निकालने में जुट गये हैं.
अत्यधिक जलभराव पौधों के लिए घातक
किसानों का मानना है कि सामान्य बारिश खेती के लिए वरदान है, लेकिन अत्यधिक जलभराव पौधों के लिए घातक साबित हो सकता है. दूसरी ओर, प्रभारी कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस बारिश से किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे जलभराव वाले खेतों की मेढ़ काटकर पानी की निकासी करें. साथ ही, बारिश के बाद मौसम खुलने पर खेतों में कीट (कीड़े) लगने की संभावना के प्रति आगाह किया है. विभाग ने प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा के लिए किसानों से जल्द से जल्द फसल बीमा कराने की अपील की है.
