Jamshedpur News : गर्मी के दस्तक देते ही दलमा में पानी को लेकर बढ़ी चिंता, विभाग कर रहा यह काम

Jamshedpur News : दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी हाथियों के लिए जाना जाता है. लेकिन गर्मी की दस्तक के साथ ही उनके पानी को लेकर चिंता बढ़ जाती है.

By RAJESH SINGH | April 9, 2025 12:48 AM

जलस्रोतों को किया जा रहा गहरा

पानी के जलस्त्रोतों में उपलब्ध पानी जानवरों के पीने लायक

Jamshedpur News :

दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी हाथियों के लिए जाना जाता है. लेकिन गर्मी की दस्तक के साथ ही उनके पानी को लेकर चिंता बढ़ जाती है. अप्रैल माह में ही भीषण गर्मी ने चिंता बढ़ा दी है. जलस्रोत सूखते नजर आ रहे हैं. हालांकि, अभी भी दलमा के अधिकांश प्राकृतिक छोटे-बड़े जलस्रोतों में पानी उपलब्ध है, लेकिन इसमें भी पानी घटना शुरू हो गया है. इसको देखते हुए वन विभाग की ओर से जलस्रोतों, झील और झरनों के प्राकृतिक गहराई को बढ़ाया जा रहा है, ताकि पानी की उपलब्धता बनी रहे. जलस्रोतों के सूखने पर दलमा सेंचुरी के जंगलों में रहने वाले जंगली जीव जंतु हाथी, बाघ, भालू, सियार, लोमड़ी, लकड़बग्घा समेत अन्य पशु-पक्षियों को काफी परेशानी होगी. हालांकि पशु पक्षियों के लिए वन विभाग गर्मी के मौसम में वैकल्पिक व्यवस्था कर सकती हैं. लेकिन सदियों से जो प्राकृतिक जलस्रोत हैं, उनका जलस्तर कम होना भविष्य के लिए खतरा है. बता दें कि दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में 193.22 वर्ग क्षेत्रफल में फैला है. यहां लगभग 79 छोटे बड़े प्राकृतिक जलस्रोत मौजूद हैं. इन 79 जलस्रोत में झील, झरना और ज्यादातर तालाब शामिल हैं. समय-समय पर इनका जीर्णोद्धार वन विभाग द्वारा कराया जाता है. वहीं, विभाग द्वारा सेंचुरी में कई चेक डैम का निर्माण कराया गया है. गर्मी को ध्यान में रखते हुए सारे जलस्रोतों को फिर से गहरा किया जा रहा है. वहीं, पानी की क्वालिटी की जांच भी वन विभाग द्वारा करायी गयी है. दलमा में बड़का बांध, निचला बांध, छोटका बांध, राजदोहा और बिजली घाटी समेत कई ऐसे बांध और तालाब हैं, जहां पानी हमेशा होता है. ऐसे सारे जलस्रोतों की जांच करायी गयी है. वन विभाग के मुताबिक, सारे जलस्रोतों का पानी जानवरों के पीने के लायक है.

पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी : डीएफओ

डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित की जायेगी. वर्तमान में पानी उपलब्ध है. लेकिन सारे जलस्रोतों की गहराई को ठीक किया जा रहा है. जरूरत होगा तो बाहर से पानी की सप्लाई कर सभी तालाबों को भरा जायेगा. लेकिन ऐसी स्थिति अब तक नहीं आयी है. पानी की क्वालिटी भी बेहतर है.

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