Jamshedpur news. बीसीआइ के चेयरमैन से अधिवक्ताओं के संशोधन प्रस्ताव हटाने का किया आग्रह

स्टेट बार काउंसिल की अनुमति के बिना कोई भी हड़ताल या न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय किसी भी अधिवक्ता संघ द्वारा न लिया जाये

Jamshedpur news.

नयी दिल्ली में एडवोकेट एक्ट में भारत सरकार के प्रस्तावित संशोधन को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) और देश के सभी राज्यों के स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की संयुक्त बैठक संशोधन के सभी बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई, बैठक की अध्यक्षता बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा ने की. बैठक में झारखंड समेत सभी राज्यों से स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन ने अपने विचार रखे और सुझाव सौंपे. इसमें कुछ बिंदुओं पर आपत्ति करते हुए उसमें अधिवक्ताओं के हित में उसे संशोधन प्रस्ताव से हटाने का आग्रह किया गया. वहीं काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन श्री मिश्रा ने स्वीकार कर केंद्र सरकार के पास पूरी तरह भेजकर लागू कराने का आश्वासन दिया.

बैठक में झारखंड की तरफ से झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राजेंद्र कृष्णा, वाइस चेयरमैन राजेश कुमार शुक्ल शामिल हैं. बैठक में वाइस चेयरमैन राजेश कुमार शुक्ल ने संशोधन प्रस्ताव के अलावा राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ताओं के लाइसेंस के लिए 1961 के निर्धारित शुल्क सात 750 रुपये को बढ़ाने का संशोधन आना चाहिए, ताकि स्टेट बार काउंसिल आर्थिक रूप से अपनी प्रशासनिक और अधिवक्ता हित के कार्यों को गति दे सके. शुल्क में कमी के चलते देश के अधिकांश स्टेट बार काउंसिल में आर्थिक परेशानियों है. इसे दूर किया जाना अति आवश्यक है. बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि बिना स्टेट बार काउंसिल की अनुमति के बिना कोई भी हड़ताल या न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय किसी भी अधिवक्ता संघ द्वारा न लिया जाये.

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By Prabhat Khabar News Desk

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