झारसुगुड़ा: झारसुगुड़ा जिला प्रशासन की मानवीय पहल स्नेह सेतु योजना के माध्यम से एक और असहाय युवक अपने परिवार से मिल सका/ पश्चिम बंगाल के बर्धमान निवासी 25 वर्षीय विक्रम राय, जिन्हें वर्ष 2024 में बचाव के बाद झारसुगुड़ा स्थित मिशन आशालोक-1 में उपचार एवं पुनर्वास की सुविधा दी जा रही थी. 26 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक अपने माता-पिता से पुनः मिल गए.
यह भावुक पुनर्मिलन कार्यक्रम झारसुगुड़ा के जिलाधीश कुणाल मोतिराम चव्हाण की उपस्थिति में आयोजित किया गया. इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी, पीपुल्स फोरम एनजीओ के प्रतिनिधि तथा मिशन आशालोक के कर्मचारी भी मौजूद रहे. लगभग दो वर्षों बाद अपने बेटे को सामने पाकर विक्रम के माता-पिता भावुक हो उठे.
यह पल वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और अविस्मरणीय रहा. उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की स्नेह सेतु योजना का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त, निराश्रित एवं लापता व्यक्तियों को बचाकर उन्हें आवश्यक चिकित्सा, देखभाल और पुनर्वास उपलब्ध कराना तथा बाद में उनके परिवारों से पुनर्मिलन कराना है.
इस पहल के माध्यम से अब तक अनेक असहाय एवं लापता लोग अपने परिवारों तक वापस पहुंच चुके हैं. जिलाधीश कुणाल मोतिराम चव्हाण ने कहा कि मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समाज के उपेक्षित एवं असहाय लोगों के जीवन में आशा की नई किरण लाने के लिए इस प्रकार के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे.
'स्नेह सेतु योजना' मानव सेवा के क्षेत्र में झारसुगुड़ा जिला प्रशासन की एक अभिनव और सराहनीय पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है. रविवारआयोजित 38वें सफल पारिवारिक पुनर्मिलन के साथ इस योजना के तहत अब तक कुल 38 परिवारों का सफल पुनर्मिलन कराया जा चुका है.
