गर्भवती का थायरॉयड बढ़ना खतरनाक
जमशेदपुर ऑब्स्ट्रेटिक व गायनाकोलॉजिकल सोसाइटी के 44वें वार्षिक सम्मेलन में बोली डॉ इंदू... जमशेदपुर : आज के समय में थायरॉयड की समस्या आम है. थायरॉयड गर्भवती महिलाओं को अधिक होता है. गर्भवती महिलाओं में थायरॉयड का बढ़ना व घटना दोनों खतरनाक है. किसी भी गर्भवती महिला को थायरॉयड की बीमारी है तो इसका प्रभाव उसके […]
जमशेदपुर ऑब्स्ट्रेटिक व गायनाकोलॉजिकल सोसाइटी के 44वें वार्षिक सम्मेलन में बोली डॉ इंदू
जमशेदपुर : आज के समय में थायरॉयड की समस्या आम है. थायरॉयड गर्भवती महिलाओं को अधिक होता है. गर्भवती महिलाओं में थायरॉयड का बढ़ना व घटना दोनों खतरनाक है. किसी भी गर्भवती महिला को थायरॉयड की बीमारी है तो इसका प्रभाव उसके बच्चे पर भी पड़ता है. उसका बेहतर उपचार नहीं होने पर शिशु विकलांग पैदा हो सकता है. शहर के एक होटल में रविवार को जमशेदपुर ऑब्स्ट्रेटिक व गायनाकोलॉजिकल सोसाइटी के 44वें वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह में सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ इंदू चौहान ने यह बात कही. उन्होंने इसके मरीज के लिए सही खानपान व व्यायाम बहुत जरूरी है.
गर्भवती महिला को शुरू में थायरॉयड की जांच कराने से गर्भ में पल रहे बच्चे को इस बीमारी से बचाया जा सकता है. सेमिनार में शामिल डॉक्टरों ने महिलाओं को होने वाली सुगर, मोटापा, लीवर की बीमारियों के इलाज की जानकारी को साझा किया. डॉक्टरों ने कहा कि महिलाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है जो गर्भधारण में बड़ी समस्या बनता है. इसके लिए खानपान के साथ व्यायाम जरूरी है. सम्मेलन में डॉ विनीता सहाय, डॉ रंगीला सिन्हा, डॉ अंजू बाजोरिया, डॉ रेणुका चौधरी, डॉ मंजुला श्रीवास्तव, डॉ अनिता सिंह, डॉ प्रतिभा, डॉ हिमांशु राय, डॉ पल्लवी राय, डॉ मौसमी दास गुप्ता सहित अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद थी. इस दौरान गर्भवती महिलाओं का इलाज कैसे करना है उसकी जांच कैसे करनी है, इसकी विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी. डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन से देश में इलाज के क्रम में नये-नये तकनीक की जानकारी मिलती है. इससे मरीजों को भी काफी लाभ होता है.
