बिजली विभाग, बैंक अधिकारी और रंगदारों के भी जुड़े हैं तार

आयकर की चाेरी के अलावा कई अहम जानकारियां हासिल हुई जमशेदपुर. उद्याेगपति चिंटू भालाेटिया आैर सर्किट हाउस के पवन पाेद्दार के आवास आैर प्लांट में हुई छापामारी में बरामद दस्तावेजाें से आयकर की चाेरी के साथ-साथ कई अहम जानकारियां हासिल हुई हैं. आयकर अधिकारियाें के अनुसार जांच के बाद आयकर से संबंधित मामलाें काे ताे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 26, 2016 8:21 AM
आयकर की चाेरी के अलावा कई अहम जानकारियां हासिल हुई
जमशेदपुर. उद्याेगपति चिंटू भालाेटिया आैर सर्किट हाउस के पवन पाेद्दार के आवास आैर प्लांट में हुई छापामारी में बरामद दस्तावेजाें से आयकर की चाेरी के साथ-साथ कई अहम जानकारियां हासिल हुई हैं. आयकर अधिकारियाें के अनुसार जांच के बाद आयकर से संबंधित मामलाें काे ताे उनका विभाग देखेगा, लेकिन संबंधित एक रिपाेर्ट आरबीआइ आैर अन्य विभाग काे भेज कर अार्थिक अपराध के बड़े गंठजाेड़ की जानकारी दी जायेगी. छापेमारी में जानकारी मिली कि विद्युत विभाग ने उद्याेगपतियाें की कंपनियाें पर कई बार छापेमारी की, इसके बाद भी उन्हें क्लीन चिट देकर काम करने की अनुमति दी गयी.
विद्युत आपूर्ति का अवैध इस्तेमाल कर इन व्यवसायियाें ने अपने उत्पादन की लागत काे कम किया. यही वजह रही कि 2-3 साल के अंदर इन्हाेंने अपने प्लांट से 100-200 कराेड़ का काराेबार किया. छापेमारी में साै से अधिक बैंक खाते जब्त किये गये हैं. बैंक अधिकारियाें के साथ मिलकर केवाइसी नियमाें की भी धज्जियां उड़ायी गयी हैं.
खाताें से कराेड़ाें का लेन-देन कर उन्हें 1-2 माह के अंदर बंद भी कर दिया गया. बड़ी राशि की निकासी हाेने के बावजूद बैंक अधिकारियाें ने इन पर राेक नहीं लगायी आैर न ही इनके बारे में पता लगाया. बैंक के माध्यम से जमशेदपुर से अन्य राज्याें तक पैसा ले जाने में इन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई. आयकर विभाग काे कई बड़ी निकासियाें के सबूत मिले हैं, जिनकी जांच इडी से कराने का फैसला किया गया है. छापेमारी के दाैरान उद्याेगपतियाें का शहर के रंगदाराें के साथ भी गंठजाेड़ का पता चला है. रंगदाराें काे कुछ व्यवसायी मासिक भुगतान के साथ-साथ देश के अन्य हिस्साें में खास सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं. अधिकारियाें ने बताया कि सभी जानकारियाें की एक रिपाेर्ट बनायी जायेगी. इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि यहां बड़े पैमाने पर आर्थिक अपराध का संचालन किया जा रहा था.