समरसता के लिए अवतार लेते हैं भगवान : बाजपेयी
समरसता के लिए अवतार लेते हैं भगवान : बाजपेयी(फोटो आयी होगी)यूपी संघ में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिनलाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर परमात्मा सिर्फ भक्तों के कष्ट हरने के लिए ही नहीं अवतरित होते, बल्कि समाज में समरसता, सौहार्द व आध्यात्मिकता का संदेश देने के लिए भी विभिन्न रूपों में, विभिन्न विद्याओं से युक्त होकर मृत्युलोक […]
समरसता के लिए अवतार लेते हैं भगवान : बाजपेयी(फोटो आयी होगी)यूपी संघ में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिनलाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर परमात्मा सिर्फ भक्तों के कष्ट हरने के लिए ही नहीं अवतरित होते, बल्कि समाज में समरसता, सौहार्द व आध्यात्मिकता का संदेश देने के लिए भी विभिन्न रूपों में, विभिन्न विद्याओं से युक्त होकर मृत्युलोक में अवतरित होते हैं. समाज में एकता लाने के लिए वे नृसिंह, वामन, राम, कृष्ण आदि रूपों में अवतरित होते हैं. उक्त बातें प्रवचनकर्ता राजकुमार बाजपेयी ने उत्तर प्रदेश संघ के तत्वावधान में एमएनपीएस प्रांगण में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि श्रीराम जहां धर्म के मर्म की मीमांसा करते दिखते हैं, वहीं श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्म का मर्म बताते हैं. अवतार का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि अवतरण यानी उतरना. ईश्वर जब धर्म की व्यवस्था के लिए उच्चता के चरम बिंदु से धरती पर उतरता है, तो उसे अवतार कहते हैं. कथा में संघ के उपाध्यक्ष रामफल मिश्रा, महासचिव डॉ डीपी शुक्ला, केपी सिंह, गीता शुक्ला, बच्चन दुबे, एके पांडेय, चित्रा देवी, अन्नपूर्णा देवी, अनंत राम, राकेश मिश्र, कविता झा, विभा शुक्ल, आशा दुबे, शिवकुमारी, लक्ष्मी श्रीवास्तव, सभा देवी, धनवर्षा आदि मौजूद रहे.
