….तो किराए की कोख के जरिए संतान सुख प्राप्त नहीं कर सकेंगे एनआरआइ, विदेशी
….तो किराए की कोख के जरिए संतान सुख प्राप्त नहीं कर सकेंगे एनआरआइ, विदेशीनयी दिल्ली. भारत में किराए की कोख (सरोगेसी) के जरिए प्रवासी भारतीयों (एनआरआइ) भारतीय मूल के लोगों (पीआइओ) और विदेशियों द्वारा बच्चे हासिल करने पर जल्द ही पूरी तरह पाबंदी लगाई जा सकती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग ने […]
….तो किराए की कोख के जरिए संतान सुख प्राप्त नहीं कर सकेंगे एनआरआइ, विदेशीनयी दिल्ली. भारत में किराए की कोख (सरोगेसी) के जरिए प्रवासी भारतीयों (एनआरआइ) भारतीय मूल के लोगों (पीआइओ) और विदेशियों द्वारा बच्चे हासिल करने पर जल्द ही पूरी तरह पाबंदी लगाई जा सकती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक नए विधान के तहत इसका प्रस्ताव किया है. किराए की कोख से जुड़े मुद्दों पर एक विधेयक का मसौदा तैयार करने वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने महिला आयोग के इस सुझाव पर भी अपनी सहमति दी है कि ऐसे कानूनी प्रावधान किए जाएं जिनसे तलाकशुदा और विधवा सहित अकेली महिलाएं (सिंगल विमेन) सरोगेट मां सुविधा का लाभ उठा सकें और साथ ही साथ इससे जुड़ी एक नियामक संस्था का भी गठन किया जाए. सहायता प्राप्त प्रजनन संबंधी प्रौद्योगिकी (नियमन) विधेयक पर एक राष्ट्रीय परिचर्चा में राष्ट्रीय महिला आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में किराए की कोख के जरिए एनआरआई, पीआईओ और विदेशियों द्वारा बच्चे हासिल करने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जानी चाहिए. आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने किराए की कोख से जुडे मुद्दों पर विधेयक को 15 नवंबर तक अंतिम रुप देने का फैसला किया है.
