री-एडमिशन फीस बंद हो, सरकार तय करे मासिक फीस (23 उमा 10)
उपमुख्य संवाददाता, जमशेदपुर झामुमो नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को प्राथमिक शिक्षा निदेशक कमल शंकर श्रीवास्तव से मिला तथा निजी व सरकारी स्कूलों की समस्याएं रखी. नेताओं ने कहा कि झारखंड में निजी स्कूल प्रबंधन री-एडमिशन फीस और मासिक फीस के रूप में मनमानी राशि ले रहे हैं. प्रतिनिधिमंडल ने री एडमिशन फीस बंद कराने […]
उपमुख्य संवाददाता, जमशेदपुर झामुमो नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को प्राथमिक शिक्षा निदेशक कमल शंकर श्रीवास्तव से मिला तथा निजी व सरकारी स्कूलों की समस्याएं रखी. नेताओं ने कहा कि झारखंड में निजी स्कूल प्रबंधन री-एडमिशन फीस और मासिक फीस के रूप में मनमानी राशि ले रहे हैं. प्रतिनिधिमंडल ने री एडमिशन फीस बंद कराने व नर्सरी से 10वीं तक मासिक फीस निर्धारित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिले के सरकारी विद्यालयों शिक्षक से लेकर भवन, टेबुल-कुर्सी आदि का अभाव है. इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है. उर्दू शिक्षकों की बहाली में क्षेत्रीय भाषा की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गयी. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 10-10 वषार्ें से पदस्थापित शिक्षकों का तबादला नियमानुसार करने की मांग की गयी. कहा गया कि शहरी क्षेत्र में 29 प्रतिशत स्कूल हैं, लेकिन 70 प्रतिशत शिक्षक पदास्थापित है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत स्कूल है, लेकिन तीस प्रतिशत शिक्षक हैं. कुछ स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की घोषणा का कोई असर नहीं दिख रहा. प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद सुमन महतो, बाबर खान, जिला सचिव लालटू महतो, अजय रजक, प्रीतम हेंब्रम, गुरमीत सिंह गिल, राज लकड़ा, अब्दुल बारी अंसारी सहित अन्य शामिल थे.
