पुस्तक मेले के बाहर भी है एक पुस्तक मेला
जमशेदपुर : जमशेदपुर पुस्तक मेला अभी शबाब पर है. अपराह्न 2:00 बजे से प्रति इसमें पुस्तक प्रेमियों की भीड़ भी लग रही है, क्योंकि मेला उसी समय से खुलता है. लेकिन इस पुस्तक मेला के बाहर एक पुस्तक मेला ऐसा भी लग रहा है जो पूरे दिन खुला रहता है. इतना ही नहीं, इस मेले […]
जमशेदपुर : जमशेदपुर पुस्तक मेला अभी शबाब पर है. अपराह्न 2:00 बजे से प्रति इसमें पुस्तक प्रेमियों की भीड़ भी लग रही है, क्योंकि मेला उसी समय से खुलता है. लेकिन इस पुस्तक मेला के बाहर एक पुस्तक मेला ऐसा भी लग रहा है जो पूरे दिन खुला रहता है. इतना ही नहीं, इस मेले में पुस्तकों की कीमतें भी काफी कम हैं. यह मेला है पुरानी पुस्तकों का, जिसमें शहर के पुरानी पुस्तकें बेचने वाले अपनी पुस्तकें लेकर सड़क के किनारे (बंगाल क्लब से जुबिली पार्क जाने वाली सड़क पर) जमीन पर ही पुस्तकें सजाये बैठ रहे हैं. इन फुटपाथी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ भी जुट रही है. वास्तव में ये पुस्तकें पहले किसी के द्वारा प्रयुक्त की हुई हैं, जिन्हें प्रयोग कर्ता द्वारा बेचे जाने के बाद पुन: बाजार में पहुंच गयी हैं. हालांकि इनमें कई पुस्तकें विभिन्न लाइब्रेरियों से निकली हुई भी हैं, जिनकी मुहर उनमें लगी हुई है. इन दुकानों पर पचास फीसदी कम मूल्य पर भी पुस्तकें मिल सकती हैं.
