जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था सुधार के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा 11 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है. जिसको चार भाग में बांट कर कार्य करने के लिए कहा गया है. इस कमेटी के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं. इसमें कमेटी को मानव संसाधन एवं कार्यरत बल की समीक्षा कर मानव संसाधन की उपलब्धता पर मंतव्य देना है. लेकिन वर्तमान में अस्पताल में मैनपावर की सबसे अधिक कमी है.
आसान नहीं हैं कमेटी की चुनौतियां
जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था सुधार के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा 11 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है. जिसको चार भाग में बांट कर कार्य करने के लिए कहा गया है. इस कमेटी के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं. इसमें कमेटी को मानव संसाधन एवं कार्यरत बल की […]

आसान नहीं हैं कमेटी की चुनौतियां
अस्पताल एक भी वार्ड ब्वाय, ड्रेसर तक नहीं है. इतने बड़े अस्पताल में दो कंप्यूटर ऑपरेटर से काम लिया जा रहा है. डॉक्टरों की भी कमी है. 540 बेड के इस अस्पताल में एमसीआइ के अनुसार मैन पावर उपलब्ध कराया जाता है लेकिन 540 बेड के हिसाब से डॉक्टर व कर्मचारी की संख्या काफी कम है.
कमेटी को आधारभूत संरचना व आवश्यक मरम्मत की समीक्षा कर मंतव्य देने को कहा गया है. लेकिन अस्पताल में अधिकतर नये उपकरण खराब पड़े हुए हैं. अस्पताल में उपकरण की मरम्मत का कार्य मेडिसिटी द्वारा किया जा रहा है. लेकिन समय पर इसकी मरम्मत नहीं होती है. कमेटी को अस्पताल की साफ -सफाई देखनी है. लेकिन अस्पताल में सिर्फ 40 सफाईकर्मी आउटसोर्स पर कार्यरत है. जिससे पूरे अस्पताल की सफाई कार्य संभव नहीं है.
सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बतायी जा रही है. इसके लिए कई बार सफाई कर्मी अधीक्षक से मिले. लेकिन उनकी बातें नहीं सुनी गयी. वहीं कमेटी की चौथी टीम को अस्पताल में मरीजों की लोड पर काम करने के लिए कहा गया. अस्पताल में मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है उसके अनुपात में संसाधन की कमी होती जा रही है. अस्पताल में जितनी भी मशीनें आती हैं उसको चलाने वाले कर्मचारी की कमी रहती हैं जिससे मशीन खराब होती जा रही है. इन सभी को ठीक करने की जरूरत है.