जमशेदपुर : शहर से संचालित अंतर राज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा होने के बाद मुख्य सरगना के तौर पर सामने आये मानगो निवासी महेश पोद्दार से रिमांड के दौरान पूछताछ की गयी. उसने बताया कि खेल का मुख्य शातिर राहुल केसरी है. राहुल केसरी और योगेश शर्मा उसके बचपन के दोस्त हैं. राहुल केसरी ने ही उसे इस धंधा में आने का प्रलोभन दिया था. महेश ठगी के इस धंधे में आने के पूर्व टाटा मोटर्स में एक विभाग के स्टोर इंचार्ज के तौर पर स्थायी नौकरी कर रहा था.
टाटा मोटर्स के पूर्व वह गोविंदपुर स्थित स्टील स्ट्रिप व्हील्स कंपनी में स्थायी नौकरी कर रहा था. हर माह लाखों रुपये कमाने के लोभ ने उसे 19 हजार रुपये वेतन की स्थायी नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया. यह काम उसे तब तक अच्छा लगा, जब तक उसे लाखों रुपये मिलते रहे.
महेश के अनुसार उसके खाते में अब कुछ हजार रुपये ही बचे हैं, लेकिन उसने एक साल में सात से दस लाख रुपये भी कमाये थे. 2017 में नौकरी छोड़ने के बाद से वह राहुल के कहने पर कंप्यूटर वर्क करने के तौर पर जुड़ा और फिर उसी में फंस कर रह गया. बाहर नहीं निकल पाया.
