शहर के साइबर ठग राहुल के बैंक खाते से दाे माह में 52 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन

जमशेदपुर : अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के सदस्य राहुल मिश्रा के खाते से दो माह में 52 लाख रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ है. यह रुपये ठगी के शिकार लोगों के हैं. बिष्टुपुर साइबर पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है. राहुल के खाते में रुपये आते ही उसे एक मिनट से […]

जमशेदपुर : अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के सदस्य राहुल मिश्रा के खाते से दो माह में 52 लाख रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ है. यह रुपये ठगी के शिकार लोगों के हैं. बिष्टुपुर साइबर पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है.

राहुल के खाते में रुपये आते ही उसे एक मिनट से भी कम समय में निकासी कर ली जाती थी या फिर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिये जाते थे. पुलिस ने राहुल के मोबाइल सीडीआर भी निकाल लिया है. उसने किससे और कब बात की? इसका डिटेल पुलिस ने निकाल लिया है.
इधर, शुक्रवार को राहुल मिश्रा को 48 घंटे के लिए रिमांड पर लिया गया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. अब तक उसने ठगी के धंधे में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है. वह बार-बार एक ही बात बोल रहा है कि महेश पोद्दार ने उसे कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए रखा था. राहुल के मुताबिक, महेश ने कहा था कि वह एक ऑफिस खोलने वाला है, जिसके लिए एक कंप्यूटर ऑपरेटर की जरूरत है.
इसके लिए उसने 10 हजार रुपये देने की बात कही थी. राहुल ने बताया, महेश ने नौकरी के नाम पर उसका सारा डॉक्यूमेंट लिया था और बैंक में खाते खुलवाये थे. पुलिस द्वारा यह पूछने पर कि उसके खाते से 50 लाख रुपये से अधिक रकम का ट्रांजेक्शन होता है और उसे इसकी जानकारी नहीं थी? बड़ी ही सफाई से उसने पुलिस को बताया कि खाते से उसका मोबाइल नंबर लिंक नहीं था. इसलिए उसे इस बात की जानकारी नहीं थी. पुलिस जांच में यह बात सामने आयी है कि राहुल के खाते 72 लोगों से ठगे रुपये को ट्रांसफर कराया गया है.
गिरोह के सभी सदस्य के खाते की जांच होगी, तो यह रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच जायेगी. महेश पोद्दार के अकाउंट से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की बात सामने आ रही है. पुलिस ने उसके पेटीएम अकाउंट को भी फ्रीज करा दिया है. उसे रिमांड पर लेने के लिए शनिवार को आवेदन दिया जायेगा.
जेल में महेश ने राहुल से बोला, तुने मेरा नाम क्यों बताया: राहुल मिश्रा को पुलिस ने चार जनवरी की रात ही गिरफ्तार कर लिया था. उसे दूसरे दिन पांच जनवरी को जेल भेजा गया था. मामले में फरार मुख्य सरगना महेश पोद्दार के गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर करने के बाद उसे जेल भेजा गया था. शुक्रवार को महेश और राहुल की मुलाकात जेल के अंदर हुई.
महेश ने राहुल से कहा कि उसने पकड़ाने के बाद पुलिस का उसका नाम क्यों बताया. मालूम हो कि इस मामले में चार आरोपी महेश पोद्दार, राहुल मिश्रा, धीरज शर्मा और राकेश महतो गिरफ्तार हो चुके हैं.
दीक्षा की संलिप्तता के सबूत मिलने के बाद होगी कार्रवाई : खेल के मुख्य सरगना महेश पोद्दार की महिला मित्र और मुंबई में स्थित देश की प्रतिष्ठित कंपनी की कंसलटेंसी सर्विस में काम करने वाली दीक्षा सिंह को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार नहीं किया है.
वह मुंबई में ही है. पुलिस के अनुसार मामले में उसकी संलिप्तता है या नहीं इसको लेकर पूरे सबूत और सच्चाई सामने आने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. चुकीं महेश के घर से बरामद कागजात में दीक्षा का पासपोर्ट व अन्य कुछ डॉक्यूमेंट मिले थे. उसके आधार पर यह बात सामने आयी थी कि दीक्षा भी इस खेल में शामिल है या उसे ठगी के धंधे की जानकारी थी. हालांकि लड़की का मामला होने के कारण पुलिस इसको लेकर गंभीरता बरत रही है.

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