जमशेदपुर : बिष्टुपुर के होटल जिंजर में शहर के चर्चित चयनिका हत्याकांड में शनिवार को जिला जज वन राधाकृष्ण की अदालत ने प्रेमी डॉक्टर डॉ मिर्जा रफीकुल हक को दोषी करार दिया है. तीन नवंबर 2017 को टाटानगर रेलवे स्टेशन के सामने वाली सड़क पर ट्रॉली बैग (सूटकेस) में कदमा निवासी चयनिका कुमारी का शव बरामद किया गया था. शनिवार को मामले में डॉ मिर्जा को दोषी करार देते हुए अदालत ने 3 जनवरी को सजा की तिथि तय की है.
होटल जिंजर में चयनिका की हत्या में डॉ मिर्जा दोषी करार, सजा तीन को
जमशेदपुर : बिष्टुपुर के होटल जिंजर में शहर के चर्चित चयनिका हत्याकांड में शनिवार को जिला जज वन राधाकृष्ण की अदालत ने प्रेमी डॉक्टर डॉ मिर्जा रफीकुल हक को दोषी करार दिया है. तीन नवंबर 2017 को टाटानगर रेलवे स्टेशन के सामने वाली सड़क पर ट्रॉली बैग (सूटकेस) में कदमा निवासी चयनिका कुमारी का शव […]

कोर्ट ने डॉ मिर्जा को धारा 302 (हत्या) और धारा 201 साक्ष्य छुपाने में दोषी पाया हैं. अदालत में कुल 13 लोगों की गवाही हुई थी. चार नवंबर 2017 की सुबह पुलिस को रेलवे स्टेशन के सामने सड़क किनारे से ट्रॉली बैग (सूटकेस) मिला था. बैग से युवती का शव बरामद होने से सनसनी फैल गयी थी. युवती की पहचान कदमा निवासी चयनिका कुमारी के रूप में की गयी. वोटर आइडी से मृतका की पहचान हुई थी.
बागबेड़ा थाना के एसआइ शिबू कुजूर के बयान पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था. चयनिका कुमारी आदित्यपुर स्थित मेडिट्रिना अस्पताल में अॉपरेशन मैनेजर थी. डॉ मिर्जा रफीकुल हक पश्चिम बंगाल के बर्दवान का रहने वाला है. दोनों के बीच पूर्व से संबंध थे. बीच-बीच में डॉ मिर्जा जमशेदपुर आता था और चयनिका से मिलकर चले जाता था.
घटना के पूर्व 31 अक्तूबर को डॉ मिर्जा जिंजर होटल में कमरा नंबर 201 में ठहरा था. पुलिस ने होटल के कमरे से मोबाइल और अन्य सामान जब्त किया. इसके बाद मोबाइल कॉल के आधार पर डॉ मिर्जा को पकड़ा गया और केस का खुलासा हुआ था. हालांकि डॉ मिर्जा ने खुद ही मेडिट्रिना अस्पताल के एक कर्मचारी को फोन कर अपना जुर्म स्वीकार किया था. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
डॉक्टर ने शक में कर दी थी चयनिका की हत्या
मेडिट्रिना हॉस्पिटल में ऑपरेशन हेड चयनिका मर्डर केस में आरोपी डॉक्टर डॉ मिर्जा रफीक हक ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया था. डॉ मिर्जा कोलकाता के बीएम बिड़ला अस्पताल में आरएमओ था. चयनिका के साथ तीन वर्ष से उसका प्रेम संबंध था.
डॉ मिर्जा ने पुलिस को बताया था कि हाल के कुछ महीनों से दोनों के बीच विवाद चल रहा था. डॉ मिर्जा को शक था कि उसकी प्रेमिका चयनिका किसी दूसरे लड़के के साथ प्रेम करने लगी है. इसे लेकर दोनों में कई बार झगड़ा हुआ था.
चयनिका ने उसे फोन कर 31 अक्तूबर को जमशेदपुर बुलाया था. दो नवंबर को उसका बर्थडे था. डॉ मिर्जा ने पुलिस को बताया था कि एक नवंबर से लड़की अपने कार्यालय के समय पर स्कूटी से होटल में आती थी. दिन भर उसके साथ होटल में रहती थी. करीब 6 बजे घर चली जाती थी. घटना के दिन तीन नवंबर को लड़की करीब 10 बजे होटल जिंजर पहुंची थी. इसी दौरान दूसरे प्रेमी की बात पर दोनों में विवाद हुआ था.
दोनों के बीच झगड़ा हुआ. इसके बाद डॉ मिर्जा ने सूटकेस लॉक करने वाली चेन से चयनिका की गला घोंटकर हत्या कर दी थी. हत्या करने के बाद वह उसे कमरे में छोड़कर बिष्टुपुर बाजार से ट्रॉली बैग (सूटकेस) खरीद कर लाया. शव के हाथ-पैर मोड़ कर सूटकेस में बंद कर दिया और उसे स्टेशन राेड पर छोड़कर फरार हो गया था.
कोलकाता के आइएलएस अस्पताल में हुई थी युवती की डॉक्टर से दोस्ती
तीन दिनों से शहर में आकर रह रहा था आरोपी डॉ मिर्जा