जमशेदपुर : मनोज ने मुझे फोन कर पूनम को साथ लाकर समझौता कराने और एक मौका देने की बात कह धोखे से बुलाया था. उसने कहा था- एक बार उसे (मनोज) मौका दे दो, मैं सब ठीक कर दूंगा. लेकिन उसने पहले ही योजना बना रखी थी.
गोली मारने के बाद उसने कहा-मेरा प्लान सक्सेस हुआ, और भाग गया. यह बातें सोनारी के गौतम नौलखा अपार्टमेंट में दाराेगा मनोज गुप्ता की गोली से घायल मुंहबोला साला चंदन श्रीवास्तव ने कहीं. चंदन ने शनिवार को प्रभात खबर से मनोज और उनके बीच संबंधों पर खुलकर बात की.
कहा, वह शुरू से ही परिवार से जुड़ा हुआ था. पूनम अपनी समस्या उससे ही साझा करती थी. वह एक भाई और वकील के नाते उनके मामले को देख रहा था. मनोज को यह मालूम था कि पूनम उसकी बात मान लेगी, इसलिए वह उसके बहाने शहर आने की बात बोला. चंदन ने कहा, तबीयत खराब होने के बावजूद तत्काल टिकट लेकर दक्षिण बिहार एक्सप्रेस से सुबह टाटा पहुंचा.
घर में घुसने के साथ ही बगैर किसी वजह मनोज हल्ला करने लगा, चिल्लाने लगा. इस पर उसने कहा कि यही सब करना था, तो उन्हें क्यों बुलाया? इससे नाराज होकर वह सीधे कमरे में गया और पिस्टल लेकर आया, और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगा. गोली मारने के बाद मनोज ने मुस्कुराते हुए कहा, उसका प्लान सक्सेस हो गया. स्टेशन से लेकर घर आने तक मनोज उसे गौर से देख रहा था. उसे यह बात खटक रही थी, लेकिन उसने इसपर ध्यान नहीं दिया.
पत्नी पूनम बोलीं – मनोज ने मुझे धोखा दिया है, उसे कभी माफ नहीं करूंगी
मनोज ने मुझे धाेखा दिया है. उसे कभी माफ नहीं करूंगी. शादी के बाद से ही वह प्रताड़ित करता आ रहा है. पहले लगा बच्चे बड़े होंगे, तो वह सुधर जायेगा, लेकिन उसमें कोई सुधार नहीं आया. छोटी-छोटी बात पर मारपीट करना उसकी आदत थी. बच्चे संडे को देर तक सोते थे, तो उस पर भी उन्हें डांटता व प्रताड़ित करता था. तंग आकर उसके खिलाफ केस की और पटना चली गयी.
लेकिन उसने धोखा दिया. यह कहना है मनोज गुप्ता की पत्नी पूनम गुप्ता का. पूनम ने कहा, वह मनोज को किसी भी हाल में माफ नहीं करेगी, उसे सजा दिलाकर रहेगी. पूनम ने कहा, मुझे किसी तरह का समझौता या कोई बात मनोज से नहीं करनी थी. वह बात करने के लायक नहीं है. चंदन के कहने पर वह तैयार हुई. रास्ते में आने के दौरान भी मैं यह सोचती रही कि वहां जाना ठीक नहीं होगा.
डीएसपी और थाना प्रभारी ने चंदन से की पूछताछ
टीएमएच में इलाजरत चंदन से शनिवार को डीएसपी हेड क्वार्टर टू अरविंद कुमार और सोनारी थाना प्रभारी नरेश प्रसाद सिन्हा ने मिलकर उसका बयान लिया. पुलिस ने चंदन से घटना के दिन क्या-क्या हुआ? उसके, पूनम और मनोज के बीच संबंध को लेकर विवाद पर भी पूछताछ की. चंदन द्वारा बतायी बातों को बयान के रूप में दर्ज किया.
दराज में रखी पिस्टल हर दिन चेक करता था मनोज
मनोज के बच्चों ने बताया, पापा ने कमरे की दराज में पिस्टल रखी थी. वह हर दिन दराज खोलकर पिस्टल चेक करते थे. बच्चों को यह हिदायत दे रखी थी कि दराज कोई नहीं खोलेगा.
