जमशेदपुर : दस कदम बढ़ती पुलिस तो मिल जाता शिवम

जमशेदपुर : कदमा रामजन्मनगर से लापता शिवम शौर्य उर्फ ओम की तलाश करती पुलिस 12 दिसंबर की रात मामा आशुतोष झा के फोन का लोकेशन खंगालती आरआइटी प्लेटिना सिटी तक पहुंच गयी थी. डीएसपी अरविंद कुमार, थानेदार जितेंद्र ठाकुर ने अंतिम लोकेशन पर जांच कर वापस लौट गये, दूसरे दिन वहां से शव मिलने पर […]

जमशेदपुर : कदमा रामजन्मनगर से लापता शिवम शौर्य उर्फ ओम की तलाश करती पुलिस 12 दिसंबर की रात मामा आशुतोष झा के फोन का लोकेशन खंगालती आरआइटी प्लेटिना सिटी तक पहुंच गयी थी.
डीएसपी अरविंद कुमार, थानेदार जितेंद्र ठाकुर ने अंतिम लोकेशन पर जांच कर वापस लौट गये, दूसरे दिन वहां से शव मिलने पर पुलिस हाथ मलती रही गयी.
पुलिस पदाधिकारियों को इस बात का अफसोस है कि यदि वे दस कदम आगे बढ़ जाते तो शायद झाड़ी में शिवम शौर्य लहूलुहान अवस्था में मिल जाता और उसे बचाया जा सकता था.
पुलिस के अनुसार आशुतोष के मोबाइल का लोकेशन रात साढ़े आठ बजे तक आरआइटी में था. उसके बाद उसका लोकेशन बदल गया. इधर, शुक्रवार दोपहर शिवम के पिता धर्मेंद्र मिश्रा के बयान पर कदमा थाना में आदित्यपुर बाबा आश्रम निवासी अनिकेत झा उर्फ मुन्ना उर्फ आशुतोष झा (शिवम का मामा व साला) के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है.
शाम पांच बजे एसपी सिटी प्रभात कुमार भी कदमा थाना पहुंचे और धर्मेंद्र मिश्रा से कुछ बिंदुओं पर जानकारी ली. पुलिस अभी गार्ड वशिष्ट कुमार सिंह, शंकर मुखी और आशुतोष के पिता कौशल कुमार से थाना में पूछताछ कर रही है. आशुतोष की तलाश में पुलिस बिहार, रांची व बंगाल गयी है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है.
साथ में बैठकर खाना खाया मैं कंपनी चला गया. धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि 12 दिसंबर को साला आशुतोष झा सिक्यूरिटी कंपनी में माफीनामा का आवेदन देने को लेकर काफी चिंतित था. वह दोपहर में एक बैग लेकर घर आया था. उसने बहन को नौकरी से निकाले जाने और माफीनामा देने की बात बतायी थी. आवेदन लिखने को लेकर आशुतोष काे उनके ससुर कौशल झा (आशुतोष के पिता) और पत्नी ने भी डांटा था.
बहन और भाई के बीच हो रही बात तो उन्होंने बंद कराया और फिर साले के साथ बैठकर खाना खाया. खाने के बाद वह फिट जी अपने कार्यालय चले गये. कुछ देर बाद साला भी चला गया. शाम में पत्नी ने फोन कर शिवम के नहीं लौटने की जानकारी दी. उसे कई जगह खोजा गया पर कुछ पता नहीं चला. दूसरे दिन शिवम का शव मिला.
शिवम के जन्म लेने के बाद उसके सास-ससुर, बड़ा साला समेत सभी का झुकाव शिवम की तरफ बढ़ गया था. इसको लेकर भी आशुतोष चिढ़ता था. आशुतोष की सनकी आदतों की वजह से उसे हर कोई डांटता था. उसे लगता था कि उसकी तरफ किसी सभी का झुकाव कम हो रहा है. यह भी एक वजह हत्या का कारण हो सकता है.
मां का रो-रो कर बुरा हाल
शिवम की हत्या के बाद मां शारदा का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया है. रिश्तेदार उन्हें संभाल रहीं है. शारदा एक ही बात बार-बार दोहरा रही है कि कौन सी बात उसके भाई को बुरी लग गयी, जो उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया.
12 दिसंबर को भी शारदा ने भाई को इस बात पर फटकार लगायी थी कि शिवम उसके सामने रो रहा था. वह बाथरुम में थी. वह कमरे में आयी तो देखा कि भाई आशुतोष मोबाइल देख रहा था.
उसने भाई को फटकार लगायी कि बगल में बैठे रहने के बाद भी वह बच्चे को चुप नहीं करा रहा. जबकि शिवम ने बताया कि मामा ने उसे थप्पड़ मारा था. फटकार के बाद भाई आशुतोष बैग लेकर निकल गया, पीछे-पीछे शिवम भी निकला. फिर आशुतोष शिवम को भी ले गया.
थाना में भी बयान देते बिलख पड़े धर्मेंद्र
कदमा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने केे दौरान धर्मेंद्र मिश्रा घटना को बयां करते-करते कई बार फूट-फूटकर रो पड़े. वह बार-बार यही दोहराते रहे उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर साला ने उनके बेटे को क्यों मारा? धर्मेंद्र पुलिस अधिकारियों के पास एक ही बात दोहरा रहे थे कि किसी भी हाल में साला की गिरफ्तारी होनी चाहिए.
उन्होंने बातचीत में बताया कि शाम में 13 दिसंबर की शाम सात बजे पत्नी शारदा का फोन आया कि बेटा को आशुतोष ले गया और अभी तक नहीं लौटा तो उन्होंने बात को गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने पत्नी को यह कहकर फोन काट दिया कि हमेशा तो शिवम को आशुतोष ले जाता है, लौट आयेगा. उन्होंने यह कभी नहीं सोचा कि शिवम के साथ उनका साला ऐसा भी कर सकता है.

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