जमशेदपुर: कोल्हान के विकास के लिए हम सभी मिल कर प्रयास करें ताकि यह क्षेत्र राज्य की पहचान बन जाये. यह बातें जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो और सिंहभूम के सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने कहीं.
मंगलवार को दोनों सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. दोनों ने उद्यमियों व व्यवसायियों के समक्ष अपनी प्राथमिकताएं बतायीं. मौके पर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया ने स्वागत भाषण दिया जबकि संचालन उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने किया. धन्यवाद ज्ञापन चैंबर के उपाध्यक्ष श्रवण काबरा ने किया. दोनों सांसदों ने सबकी बातें सुनीं, उसे नोट किया और उसे संसद में उठाने की बात कहीं. कार्यक्रम को अशोक भालोटिया, इंदर अग्रवाल, दिनेश चौधरी समेत तमाम पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया.
थानेदार से लेकर बड़े अधिकारी ले रहे हैं पैसे: सांसद
सांसद विद्युत वरण महतो ने राज्य की विधि-व्यवस्था और जमशेदपुर में बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दो दिन पहले एक लकड़ी चुनने वाली को थानेदार ने हाजत में बंद कर दिया और जेल भेजने की धमकी दी. उस महिला से 40 हजार रुपये घूस ले लिया. जब मुङो जानकारी मिली तो एसएसपी से बात की. हस्तक्षेप के बाद मामला खुला और थानेदार ने पैसे लौटाये. श्री महतो ने कहा कि यहां राज्य सरकार कैसे संचालित हो रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि छोटे पदाधिकारी से लेकर वरिष्ठ पदाधिकारी तक पैसे ले रहे हैं, ऐसे में अपराध कैसे नियंत्रित हो सकता है.
मैं उद्योग विरोधी व्यक्ति नहीं हूं . विद्युत वरण महतो ने उद्यमियों और व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि वे उद्योग विरोधी नहीं हैं. चुनाव के वक्त विरोधियों ने उन्हें उद्योग विरोधी बताया था. सांसद ने कहा कि जब अलग राज्य आंदोलन चल रहा था, उस वक्त भी औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों को दिक्कत न हो, इसकी व्यवस्था हमने करायी थी. उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स और टाटा स्टील जैसी अन्य कंपनियां भी यहां स्थापित हों ताकि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके.
खदान के आसपास गरीबी.सांसद ने कहा कि राज्य खदानों से परिपूर्ण है. यहां गरीबी है लेकिन अब भी है. खदान के आसपास गरीबी है, लेकिन खदान वाले अमीर हैं. यहां कई खनिज संपदा है, लेकिन उसके दोहन और ट्रांसपोर्टिग की व्यवस्था ठीक नहीं है, जिस कारण यह अभी तक व्यवस्थित नहीं हो रहा है.
