चंद्रशेखर, जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में पैथोलॉजिकल जांच के लिए चयनित मेडॉल की ओर से विभाग को उपलब्ध कराये गये बिल में कई मरीजों के फोन नंबर गलत पाये गये हैं. बीपीएल मरीजों की जांच के बाद मेडॉल विभाग को बिल भेज कर पैसे की वसूली करता है. बिल के साथ किस मरीज की क्या जांच की गयी, उसका भी ब्योरा उपलब्ध कराता है. मेडॉल की ओर से विभाग को भेजे गये बिल के साथ संलग्न लिस्ट में मरीजों के नाम के सामने उनका मोबाइल नंबर भी लिखना होता है.
प्रभात खबर ने जब नौ से 11 जुलाई की लिस्ट की जांच की तो, पाया गया कि इनमें अधिकतर मरीजों के मोबाइल नंबर फर्जी लिखे गये थे. प्रभात खबर ने कुल 113 मोबाइल नंबरों की जांच की. इनमें अधिकतर मोबाइल नंबर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के पाये गये. पश्चिम बंगाल व असम सहित अन्य राज्यों के मोबाइल नंबर भी दर्ज मिले.
पर सबसे मजेदार बात यह है कि इन मरीजों को मेडाॅल ने चांडिल, डोबो, कपाली, सोनारी, सरायकेला सहित उसके आसपास का निवासी बताया है. इनमें कई से मोबाइल पर संपर्क किया गया, तो उसने बताया कि वह कभी झारखंड आया ही नहीं है. कई ने तो बताया कि उसने एमजीएम का नाम तक नहीं सुना है.
जांच के दौरान पाया गया कि मेडॉल ने कई मरीजों के आठ अंकों के एक्स विजिट आइडी नंबर के बाद दो शून्य लगा कर उनका मोबाइल नंबर लिख दिया. जैसे नौ जुलाई को चंदन महतो के नाम पर जांच दिखायी गयी, उसका एक्स विजिट आइडी नंबर 72719854 बताया गया और मोबाइल नंबर 7271985400 बताया दिया गया. कई ऐसे भी मरीज पाये गये हैं, जिनका मोबाइल नंबर एक ही है.
