जमशेदपुर : शहर के प्राइवेट स्कूलों में गरीब व अभिवंचित वर्ग के बच्चों के एडमिशन की 460 सीटें खाली रह गयी. अक्तूबर का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक आरक्षित सीटों पर सिर्फ 453 गरीब बच्चों का ही एडमिशन हो सका है. प्राइवेट स्कूलों में इंट्री क्लास में कुल 4103 सीटें हैं, जिसमें गरीब व अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए 1025 सीटें आरक्षित हैं.
उक्त सीटों पर एडमिशन के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से 1146 बच्चों के आवेदन फाॅर्म को स्कूलों में एडमिशन के लिए भेजा गया है, लेकिन जानकारी के अनुसार प्राइवेट स्कूलों ने इस साल अब तक कुल 453 बच्चों का एडमिशन लिया है. अन्य बच्चों के मामले में प्राइवेट स्कूलों द्वारा अलग-अलग नियमों की दुहाई दी जा रही है.
जिस वजह से गरीब व अभिवंचित वर्ग के बच्चों का एडमिशन इस बार भी उम्मीद के अनुसार कम होने की संभावना है.झारखंड में आरटीइ लागू होने के बाद से जमशेदपुर में अब तक सर्वाधिक गरीब व अभिवंचित वर्ग के बच्चों का दाखिला वर्ष 2012-2013 में हुआ है. उक्त सत्र में कुल 662 बच्चों का रिकॉर्ड एडमिशन हुआ था. जुलाई तक की जानकारी स्कूलों ने विभाग को सौंपी. प्राइवेट स्कूलों में कितने बीपीएल बच्चों का दाखिला हुआ है, इससे संबंधित सूची प्राइवेट स्कूलों ने जिला शिक्षा विभाग को सौंप दिया है.
हालांकि शहर के कई स्कूलों ने इससे संबंधित सूची विभाग को नहीं सौंपी है. इस सूची में 30 जुलाई तक कितने बच्चों का दाखिला हुआ है, उस सूची को सबमिट किया गया है. जिन स्कूलों ने अब तक विभाग को सूचना उपलब्ध नहीं करवायी है, उक्त स्कूलों को एक रिमाइंडर दिया जा रहा है. स्कूलों द्वारा सूचना नहीं दिये जाने की वजह से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को इससे संबंधित जानकारी नहीं भेजी जा सकी है.
इधर, शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों ने कहा है कि वे चाहते हैं कि उनके पास बीपीएल बच्चे एडमिशन लेने के लिए आयें लेकिन बच्चों के एडमिशन लेने के लिए नहीं आने की वजह से आंकड़े संतोषजनक नहीं है. बीपीएल सीटों पर सामान्य वर्ग के बच्चों का नहीं ले सकेंगे एडमिशन : जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल गरीब व अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीटों पर सामान्य वर्ग के बच्चों का एडमिशन नहीं ले सकेंगे.
उनकी सीटें कम से कम 6 महीने तक खाली रखने का प्रावधान है. हालांकि शिक्षा सचिव ने पूर्व में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बीपीएल बच्चों की सीटें साल भर खाली रखी जायेगी, लेकिन उनकी सीट पर किसी दूसरे का एडमिशन नहीं हो सकता है. हालांकि शहर के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से बार-बार इसकी मियाद कर करने की मांग की गयी है.
