जमशेदपुर : सिदगोड़ा अग्निकांड में हुए नुकसान के एवज में गुरुवार को बाजार के पीड़ित दुकानदारों को मुआवजा राशि की चेक सौंपी गयी. भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार के आग्रह पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मामले को उच्च प्राथमिकता देते हुए दुकानदारों को हुए भारी क्षति के एवज में आर्थिक मदद करने का निर्देश उपायुक्त अमित कुमार को दिया.
अग्निकांड के महज 48 घंटों के भीतर ही प्रशासन की ओर से तत्परता दिखाते हुए मुआवजा राशि स्वीकृत कर दी गयी. दोपहर लगभग 12 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार, अपर उपायुक्त सौरव सिन्हा, पूर्वी विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि पवन अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि संजीव कुमार, रामबाबू तिवारी, खेमलाल चौधरी आदि पार्टी नेताओं ने इस आशय का चेक सिदगोड़ा बाजार में दुकानदारों के बीच जाकर उन्हें सौंपा. भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऐसी आकस्मिक आपदाओं में भाजपा सदैव संवेदनशील रही है.
आगजनी से दुकानदारों को हुई आर्थिक क्षति में उन्हें संबल प्रदान करना भाजपा की प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दुकानदारों का मर्म जाना और पूजा से पूर्व पीड़ितों के जीवन को पुनः पटरी पर लाने की दिशा में त्वरित गति से कार्रवाई के आदेश दिये गये. उन्होंने उपायुक्त अमित कुमार एवं अंचलाधिकारी अनुराग तिवारी के प्रति भी आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि किये वायदे के अनुसार एक दिन में मुआवज़े की राशि प्रदान कर दी गयी है. जल्द ही डीसी के माध्यम से टाटा स्टील से आग्रह कर दुकानों का पक्कीकरण के लिए प्रयास किये जायेंगे. विधायक प्रतिनिधि पवन अग्रवाल ने भी इस आशय में सीएम के प्रति धन्यवाद जाहिर किया. उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से भारी नुक्सान कर देने वाली आगजनी की घटना के बाद सरकार एवं प्रशासन की तेज कार्रवाई प्रशंसनीय है. मुआवजा राशि से दुकानदारों को पुनः अपना रोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी.
डीसी के आदेश के बाद बाजार में लगी मुद्रा लोन शिविर. भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और दुकानदारों ने बुधवार को डीसी से मुलाकात कर के आर्थिक मदद करने का आग्रह किया था. उपायुक्त ने इस संदर्भ में कई बैंकों को निर्देश जारी करते हुए सिदगोड़ा बाजार के मध्य मुद्रा लोन शिविर लगाने को कहा था. गुरुवार को एलडीएम फाल्गुनी राय के नेतृत्व में बैंकों ने शिविर लगाये, जिसमें दर्जनों दुकानदारों ने आवेदन किया. जल्द ही मुद्रा लोन स्वीकृत होगी, जिससे दुर्गोत्सव से पूर्व पीड़ित दुकानदारों की जीवन पटरी पर लौट सके.
