जेल की सुरक्षा में बतायी थी कमी दो माह बाद भी स्थिति जस की तस

जमशेदपुर : घाघीडीह सेंट्रल जेल की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो महीने पहले विशेष शाखा ने सुझाव दिया था, लेकिन इस दौरान सुझाव को लेकर कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाया गया. इसके कारण जेल की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो गया है. विशेष शाखा ने जिले के डीसी, एसएसपी को पत्र भेजकर […]

जमशेदपुर : घाघीडीह सेंट्रल जेल की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो महीने पहले विशेष शाखा ने सुझाव दिया था, लेकिन इस दौरान सुझाव को लेकर कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाया गया. इसके कारण जेल की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो गया है. विशेष शाखा ने जिले के डीसी, एसएसपी को पत्र भेजकर जेल में कारा कर्मियों की कमी की ओर से ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा था कि जेल में रिक्ति पदों को भरना आवश्यक है. विशेष शाखा ने सुरक्षा की दृष्टिकोण से सामान की जांच के लिए लगेज स्क्रेनर और दो एचएचएमडी की व्यवस्था करने की बात कही थी, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी अधिकारी साइलेंट हैं.
विशेष शाखा ने क्या-क्या कमी बतायी थी
जेल में सेंट्रल वाच टावर एक है, लेकिन कक्षपाल की कमी के कारण नियमित ड्यूटी नहीं कर रहे हैं. कक्षपाल की तैनाती आवश्यक है.
जेल में वाच टावर पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है. जिसे सुनिश्चित करना आवश्यक है.
जेल के पश्चिम दिशा में कई जगहों पर कंटिला तार टूटा है. जिसको ठीक करना आवश्यक है.
बैरक जाने के रास्ते में गेट नहीं है. विशेष शाखा ने गेट लगाने का सुझाव दिया है.
जेल के मुख्य दीवार के ऊपर चारों तरफ सोलर फेंसिंग एवं अलार्म घंटी नहीं, जो सुरक्षा की दृष्टिकोण से जरूरी है.
जेल में बिजली कटने के बाद विकल्प के तौर पर विस्तृत भू-भाग को देखते हुए 100 केवी का जेनेरेटर लगाने की आवश्यकता है.
जेल में 10 मोर्चा बना है, जिसमें से तीन पर ही ड्यूटी ली जाती है, सात पर बल की कमी के कारण ड्यूटी नहीं ली जाती है.
जेल में हाइ मास्ट लाइट में कुछ बल्ब खराब है. जिसको बदलना आवश्यक है. खराब स्ट्रीट लाइट मरम्मती की आवश्यकता है.
सभी वाॅच टावर एवं बैरक के ऊपर बने मोर्चा तथा जेल के बाहरी तरफ प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था आवश्यक है.

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