जमशेदपुर : जुगसलाई निवासी समाजसेवी बजरंग लाल भरतिया की तलाश में एनडीआरएफ की टीम ने रविवार को खरकई से लेकर सुवर्णरेखा तक दस घंटे तक खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.टीम का नेतृत्व एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर पीटर पॉल डुंगडुंग कर रहे थे. उनके साथ दारोगा अशोक कुमार, एएसआइ नारायण सिंह समेत 12 जवान मौजूद थे. टीम में डीप ड्राइवर डीके पांडेय अपने दो साथी के साथ शामिल थे.
दो बोट के साथ पहले खरकई में उतरी टीम. तीन पदाधिकारियों समेत 15 सदस्यीय टीम सुबह सात बजे जुगसलाई थानेदार करुणानंद राम के साथ दो बोट पर सवार होकर शिवघाट के पास खरकई नदी में उतरी.
खोजबीन करते हुए टीम सोनारी दोमुहानी पहुंची. वहां नदी के बीच बांध होने के कारण टीम अपने वाहन से सड़क मार्ग से दोमुहानी से मानगो पुल पहुंची. वहां फिर बोट पर सवार होकर टीम गालूडीह के लिए बढ़ी. गालूडीह में कुछ सुराग नहीं मिलने पर टीम बाहर निकल आयी और फिर वापस जमशेदपुर लौटी.
मेदनाबेड़ा के पास पत्थर से टकरा कर पंचर हुआ बोट. गालूडीह जाने के क्रम में मेदनाबेड़ा के पास एक बोट पत्थर से टकरा कर पंचर हो गया.
टीम बीच-बीच में बोट में आ रहा पानी निकालते हुए आगे बढ़ी. गालूडीह में नदी की धार काफी तेज होने से टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा. टीम फ्लड रेस्क्यू, सारे उपकरणों तथा डीप ड्राइवर समेत से लैश होकर खोजबीन कर रही थी. डीप ड्राइवर नदी में 100 फीट अंदर तक जाकर खोजबीन करने की क्षमता रखते हैं.
बह जाने की भी आशंका है : डुंगडुंग. एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर पीटर पॉल डुंगडुंग ने बताया कि शिवघाट से लेकर गालूडीह तक नदीं किनारे शव फंसे रहने की आशंका से लाइन सर्च किया. 30 अगस्त को यह घटना हुई थी. उस दिन गालूडीह के पांचों फाटक खुले थे. अनुमान है कि उस दिन शव फाटक से बाहर निकल गया हो. कुछ लोगों ने टीम को पत्थर में फंसे रहने की बात कही. इसपर दोबारा सोमवार को टीम जांच करेगी.
