जमशेदपुर : लौहनगरी की सड़कों पर बेलगाम और तेज रफ्तार गाड़ियां मौत बनकर दौड़ रही हैं. ट्रैफिक पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद सड़क हादसे कम नहीं हुए. हादसों में कई परिवारों का चिराग उजड़ गया, तो सुरक्षा के तमाम दावे भी ध्वस्त हो गये. एक अनुमान के अनुसार बीते 45 दिन में शहर की सड़कों पर दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों घायल हुए है. सड़क सुरक्षा के नाम पर सामाजिक संस्था और स्कूलों की ओर से जागरूकता का अभियान चलाया गया, लेकिन इसका सार्थक परिणाम सामने नहीं आया.
पुलिस लगातार अभियान चलाकर जुर्माना वसूल रही है, बावजूद सड़क सुरक्षा कारगर नहीं हो पा रही. नशा व तेज रफ्तार बड़ा कारण : नशा कर वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ी है. नशे की हालत में युवा वाहन को तेज रफ्तार से चलते है. कई बार युवा स्टंट के चक्कर में जान जोखिम में डाल देते है और दुर्घटना में जान का जोखिम बन जाता है. ट्रैफिक पुलिस के पास स्पीडार नहीं : वाहनों की गति सीमा सुनिश्चित करने और अधिक तेज रफ्तार के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने में बड़ी बाधा यातायात पुलिस के पास स्पीडार का नहीं होना है. इस कारण पुलिस वाहनों की जांच नहीं कर पाती.
डेढ़ माह में हुई घटनाओं में मौत
16 मई – एमजीएम क्षेत्र में ट्रक की टक्कर से हलधर सिंह समेत दो की मौत.
21 मई – बिष्टुपुर में टेंपो पलटने से प्रमोद साह समेत दो की मौत.
22 मई – बर्मामाइंस में ट्रेलर से कुचलकर एस सिंह की मौत.
22 मई – मरीन ड्राइव में दुर्घटना में सिमचंद्र मुंडा की मौत.
25 मई – एमजीएम क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आकर राजू महतो की मौत.
27 मई – टेल्को जेम्को में हाइवा की चपेट में आकर वीरेंद्र कुमार की मौत.
31 मई – उलीडीह में बाइक की टक्कर में शिक्षक सहदेव तिवारी की मौत.
2 जून – गोलमुरी में क्रेन की चपेट में आकर सीएच वेनूगोपाल की मौत.
11 जून – बोड़ाम में टाटा पिकअप पलटने से मुखी मार्डी की मौत.
24 जून-उलीडीह में कार की टक्कर से नारायण की मौत.
28 जून – मानगो जवाहरनगर में दुर्घटना में मो. जसीम अंसारी की मौत.
29 जून – ओल्ड पुरुलिया रोड में अंतु यादव की दुर्घटना में मौत.
