बिना प्रवेश परीक्षा पास किये 2011 में करा लिया पंजीकरण

शोध कराने वाले करीब 98 रिसर्च गाइड को पूछताछ के लिए कमेटी करेगी तलब... पीएचडी जांच कमेटी की तीसरी बैठक की तिथि अगले हफ्ते होगी तय जमशेदपुर : कोल्हान विवि में कथित पीएचडी घोटाले की जांच से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा हुआ है. जांच कमेटी की अब तक की तहकीकात में पता चला है कि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 2, 2018 3:48 AM

शोध कराने वाले करीब 98 रिसर्च गाइड को पूछताछ के लिए कमेटी करेगी तलब

पीएचडी जांच कमेटी की तीसरी बैठक की तिथि अगले हफ्ते होगी तय
जमशेदपुर : कोल्हान विवि में कथित पीएचडी घोटाले की जांच से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा हुआ है. जांच कमेटी की अब तक की तहकीकात में पता चला है कि वर्ष 2012 में आयोजित विवि की पहली पीएचडी प्रवेश परीक्षा से पहले ही 2011 में उम्मीदवारों का पीएचडी में पंजीकरण कर दिया गया. यह तब किया गया, जब विवि में शोध के लिए कोई नियमावली नहीं बनी थी. यूजीसी ने वर्ष 2006 में ही सभी विवि को स्पष्ट निर्देश दिया था कि बिना शोध प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण किये हुए किसी छात्र का पंजीकरण शोध के लिए नहीं किया जा सकता. कोल्हान विवि ने यूजीसी के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उम्मीदवारों का शोध में पंजीकरण किया.
विवि में पीएचडी घोटाले की जांच करने वाली कमेटी के चेयरमैन सह प्रतिकुलपति डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि विवि में शोध प्रवेश परीक्षा से पहले ही पंजीकरण किया गया है. आयोग ने यूजीसी नेट पास करने वाले उम्मीदवारों को ही विवि स्तर पर अायोजित होने वाली शोध प्रवेश परीक्षा से छूट दी है. मामले की जांच कर रही कमेटी इस पूरे प्रकरण की पड़ताल के लिए विवि के अलग-अलग विषयों में रिसर्च गाइड बने असिस्टेंट प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर से इस संबंध में पूछताछ करने वाली है. अब तक इस जांच के लिए करीब 98 शिक्षकों के नाम शॉट लिस्ट किये गये हैं.
अगले हफ्ते तय होगी कमेटी की बैठक की नयी तिथि
विवि में पीएचडी घोटाले की जांच करने वाली पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक की तिथि अगले हफ्ते घोषित हो जायेगी. वहीं, मामले को लेकर राजभवन के वरीय पदाधिकारी लगातार कमेटी के सदस्यों के संपर्क में हैं. विश्वस्त सूत्रों की मानें, तो संबंधित मामले पर राजभवन में पदस्थापित एक वरीय अधिकारी की ओर से इस मामले में संबंधित कमेटी के सदस्य से जानकारी प्राप्त की गयी है.
जांच कमेटी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है. सभी पीजी डिपार्टमेंट से अब तक हुए पंजीकरण के बारे में विस्तृत ब्यौरा देने के लिए कहा गया है.
डॉ. रणजीत कुमार सिंह
प्रतिकुलपति, कोल्हान विवि