सरायकेला : झारखंड आंदोलन के दौरान 1993 में हुए एक बम विस्फोट मामले की फाइल 25 वर्ष बाद फिर खुल गयी है. गम्हरिया थाना प्रभारी को इस पर अनुसंधान का निर्देश दिया है.मामले में सरायकेला विधायक सह झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपई सोरेन नामजद अभियुक्त हैं.
उन पर विस्फोटक पदार्थ रखने व साक्ष्य छुपाने का आरोप है. एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि वर्ष 1993 में महुलडीह मं हुए विस्फोट का मामला गम्हरिया थाना में दर्ज किया गया था. विस्फोट में तीन-चार लोगों की मौत हो गयी थी. इसमें विस्फोटक रखने व साक्ष्य छुपाने को लेकर सरायकेला विधायक चंपई सोरेन अभियुक्त थे.
मामले में विधायक ने अदालत से जमानत तो ले ली है लेकिन उनकी चार्जशीट अभी दायर नहीं हुई है. एसपी ने बताया कि उन्होंने गम्हरिया थाना प्रभारी को मामले के पुन: अनुसंधान का आदेश दिया है और इस बात की भी जांच का आदेश दिया है कि किस परिस्थिति में बिना चार्जशीट समर्पित किये अनुसंधान बंद कर दिया गया.
जून में चार्जशीट संभव : थाना प्रभारी
1993 में बम विस्फोटक रखने व साक्ष्य छुपाने के मामले में विधायक चंपई सोरेन पर गम्हरिया थाना में मामला दर्ज किया गया था. इसकी जांच शुरू कर दी गयी है. संभावना है कि जून माह में चार्जशीट दायर कर दी जाएगी.
जयप्रकाश राणा, थाना प्रभारी, गम्हरिया
मामला मेरी जानकारी में : चंपई
मामला मेरी जानकारी में है. इसमें मुझ पर केस दर्ज हुआ था. मैं जमानत पर हूं. मैंने चुनाव आयोग को दिये गये शपथ-पत्र में भी इस मामले का विवरण दिया है.
चंपई सोरेन, सरायकेला विधायक सह झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष
गीतांजलि एक्सप्रेस को उड़ाने की थी योजना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 29.03.1993 को गम्हरिया थाना में 10 लोगों के खिलाफ कांड संख्या 62/93 धारा 4/5/6 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा 120 बी/201 भादवि दर्ज किया गया था. मामला यह था कि अलग झारखंड की मांग के नाम पर अभियुक्तों ने खतरनाक विस्फोटक जमा किया था जिससे गीतांजलि एक्सप्रेस को उड़ाने की योजना थी. लेकिन महुलडीह में विस्फोटकों के फट जाने से तीन-चार लोगों की मौत हो गयी थी.
अभियुक्तों ने शवों का चुपचाप दाह संस्कार कर दिया था. मामले के प्रमुख अभियुक्तों में शामिल चंपई सोरेन ने न्यायालय से जमानत ले ली थी. उनके विरुद्ध कांड में पर्याप्त साक्ष्य थे तथा तत्कालीन एसपी ने आरोप पत्र समर्पित करने का आदेश भी दिया था. किंतु चंपई समेत कुल आठ अभियुक्तों के विरुद्ध आश्चर्यजनक रूप से चार्जशीट दायर नहीं हुई. कांड भी लंबित सूची से हट गया. वर्तमान एसपी ने पुराने अभिलेखों की जांच करते समय पाया कि यह कांड लंबित है तथा चंपई सोरेन एवं कुछ अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध अभी तक आरोप पत्र दायर नहीं हुआ है, इसलिए अभियुक्तों के विरुद्ध ट्रायल शुरू नहीं हो पाया है.
