जमशेदपुर : बिरसानगर की रहने वाली राखी घोष को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में एडीजे-10 की कोर्ट ने आरोपी पति आशीष घोष उर्फ बापी को सोमवार को सात साल की सजा सुनायी. साथ ही बापी पर कोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
मामले में कुल दस लोगों की गवाही हुई थी. घटना के संबंध में मृतका की ननद इला घोष ने बिरसानगर थाने में अपने भाई आशीष घोष के खिलाफ दहेज के लिए मारपीट करने और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कराया था. घटना 22 दिसंबर 2012 की है.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि 22 दिसंबर को राखी घोष को फंदे से लटका हुआ पाया गया था. इला घोष ने दर्ज मामले में बताया था कि वह अपने भाई और मां के साथ संयुक्त रूप से रहती थी. भाई आशीष घोष की शादी होने के बाद भाभी भी साथ में ही रहती थी. इला ने एफआइआर में बताया था कि उसका भाई बापी शादी के बाद अपनी पत्नी को काफी परेशान करता था. उसके साथ मारपीट करता था. दहेज के लिए उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था.
