जमशेदपुर : पुरानी रंजिश और क्षेत्र में दबदबा बनाने को लेकर विकास सिंह उर्फ हेते और उसके दोस्तों ने ग्वाला बस्ती निवासी अभय गिरि को गोली मार दी थी. हत्याकांड के मास्टर माइंड विकास सिंह उर्फ हेते और सोनारी विलास बस्ती निवासी सुजीत गोराई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास से 7.65 एमएम की देशी पिस्तौल, दो जिंदा गोली और दो मोबाइल और स्कूटी बरामद किया गया है. हत्या के लिए प्रयोग में लायी गयी स्कूटी चोरी की है. एसएसपी अनूप बिरथरे ने सोमवार को यह खुलासा किया.
एसएसपी ने बताया कि हेते के दोस्तों के साथ अभय का पांच माह पूर्व झगड़ा हुआ था. वह विपक्षी गिरोह के लड़कों के संपर्क में था. यह बात हेते के लिए खतरनाक बनती जा रहा थी. एसएसपी ने बताया कि छापेमारी टीम को सोमवार को सूचना मिली थी कि सोनारी मरीन ड्राइव की ओर हेते साथी के साथ घूम रहा है. उसके बाद पुलिस ने उसे मरीन ड्राइव क्षेत्र से गिरफ्तार किया.
पूछताछ में उसने सुजीत गोराई के बारे में बताया. इसके बाद सुजीत को सोनारी के निर्मल नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. दोनों ने हत्याकांड में संलिप्त अन्य अपराधियों के नाम बताये हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. एसएसपी के अनुसार दोनों गिरोह में 20-20 सदस्य है. इसके अलावा बस्ती के लोगों का इनको पूरा संरक्षण मिलता रहा है.
हेते के इशारे पर शूटर ने चलायी गोली. अभय की हत्या करने में कुल छह अपराधी शामिल थे. इसमें चार अब भी फरार है. फरार अपराधियों के पास दो पिस्तौल होने की सूचना है. एसएसपी ने बताया कि अभय की हत्या के लिए हेते और उसके साथी दो दिन से उसकी रेकी कर रहे थे. घटना के दिन भी अभय की रेकी हेते अपने दोस्त के साथ कर रहा था. घटना के पूर्व हेते और स्कूटी सवार शूटरों ने दो बार अभय गिरि को ओवरटेक किया था. बाइक दुर्घटना के बाद अभय जब सुनसान स्थल पर दोस्तों के साथ खड़ा था, तभी शूटरों ने गोली मार दी.
घटना के दौरान हेते मौजूद था. हेते के इशारा करने के बाद स्कूटी सवार अपराधियों ने अभय को गोली मारी थी. सुजीत गोराई स्कूटी चला रहा था. अभय को गोली मारने के बाद सभी अपराधी कुछ दिन तक बंगाल में अपने रिश्तेदार के घर भाग गये थे. पांच-छह दिन बंगाल में रहने के बाद सभी जुगसलाई में रह रहे थे. जुगसलाई में रहकर सभी पुलिस की गतिविधियों की जानकारी ले रहे थे.
10 मई को भी हेते गिरोह ने ही चलाई थी गोली. 10 मई को सोनारी के कागलनगर रोड नंबर एक के पास हेते, पंचू गोराई, अंडा राजू, गुड्डू और उसके साथियों ने ही नैना धीवर, लालटू महतो और सामू धीवर को गोली मारी थी. इन तीनों को गोली मारने का कारण भी पुरानी बस्ती की दुश्मनी ही थी. उस दिन भी हेते गिरोह के सदस्य हत्या करने आये थे. लेकिन जांघ में गोली लगने के कारण लालटू धीवर बच गया था. उसके बाद वे लोग अभय गिरि की हत्या की योजना बनाने लगे थे.
जुगसलाई से खरीदा था हथियार. पुलिस के अनुसार 2016 में हेते जेल में बंद था. तब उसकी दोस्ती दो अपराधियों से हुई थी. दोस्ती अच्छी होने के बाद हेते ने उनसे हथियार की मांग की थी. जेल से बाहर आने के बाद हेते ने जुगसलाई के उस अपराधी से संपर्क कर दो हथियार खरीदा था. उन हथियारों को हेते साथ लेकर चलता था. पुलिस ने हथियार बरामद कर लिया है.
