जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन में शनिवार को एक महिला ने प्लेटफॉर्म पर ही बच्चे को जन्म दिया. प्लेटफॉर्म नंबर दो पर सुबह करीब सात बजे प्रसव हुआ. स्टेशन में सफाई करने वाली महिलाओं व एक महिला रेलकर्मी ने मदद की. प्रसव होने की सूचना पर रेलवे अस्पताल से डॉक्टर पहुंचे और प्राथमिक उपचार कर लौट गये.
लेकिन जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाने की जहमत किसी ने नहीं उठायी. प्रसव के दोनों पांच घंटे तक प्लेटफॉर्म के चबूतरे पर पड़े रहे. यात्री अगल-बगल से गुजरते रहे. कुछ रुककर देखते, फिर निकल जाते. अंतत: दोपहर 12 बजे जच्चा-बच्चा को रेलकर्मियों की मदद से एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजा गया. अस्पताल में दोनों स्वस्थ हैं.
बताया जाता है कि पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा थानांतर्गत सारंडा सिलाई निवासी सुनीता सरदार (25) को स्टेशन पर सुबह में प्रसव पीड़ा शुरू हो गयी. यह देख पहले स्टेशन की महिला सफाईकर्मी उसकी मदद के लिए आगे आयीं, जिसके बाद स्टेशन मास्टर ने एक महिला रेलकर्मी को भी मदद के लिए भेजा. सुनीता ने थोड़ी देर बाद वहीं लड़के को जन्म दिया.
इस दौरान महिला सफाईकर्मियों ने उसके लिए गरम पानी की व्यवस्था की, चाय बनाकर दिया, खाने-पीने के सामान व कपड़े तक लाकर दिये. प्रसव के बाद महिला का शरीर फूल रहा था. सूचना मिलने पर टाटानगर रेलवे अस्पताल से पहुंचे डॉक्टर ने स्टेशन में ही उसका प्राथमिक उपचार किया. लेकिन जच्चा-बच्चा को कोई अस्पताल लेकर नहीं गया. कुछ घंटों बाद टाटानगर में पदस्थापित टीटीइ दीपक कुमार ने 1098 में फोन कर एंबुलेंस को सूचित किया. एंबुलेंस के आने पर महिला को व्हीलचेयर में बैठाकर सदर अस्पताल भेजा गया.
रात में ही स्टेशन पहुंची थी सुनीता सरदार!
महिला के पास कोई टिकट नहीं था. इस कारण यह पता नहीं चल पा रहा था कि वह कहां जाने के लिए स्टेशन आयी थी. चर्चा है कि वह शुक्रवार रात ही स्टेशन पहुंची थी.
