कल्लू व बाबला से विवाद के बाद दोनों के निशाने पर था अभय सोनारी गोली कांड

जमशेदपुर : सोनारी ग्वाला बस्ती निवासी अभय गिरि का कुछ माह पूर्व बिलास बस्ती के बाबला गोप और सुमित कल्लू उर्फ सुमित यादव के साथ झगड़ा हुआ था. यह वाकया मई 2017 का है. जब क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान कल्लू, जीतू प्रसाद और उसके दोस्ताें के साथ अभय गिरि का विवाद हुआ था. सुमित कल्लू […]

जमशेदपुर : सोनारी ग्वाला बस्ती निवासी अभय गिरि का कुछ माह पूर्व बिलास बस्ती के बाबला गोप और सुमित कल्लू उर्फ सुमित यादव के साथ झगड़ा हुआ था. यह वाकया मई 2017 का है. जब क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान कल्लू, जीतू प्रसाद और उसके दोस्ताें के साथ अभय गिरि का विवाद हुआ था. सुमित कल्लू ने अभय को उस समय गोली मारकर हत्या कर देने की बात कही थी.

कुछ दिन के बाद सुमित कल्लू मोबाइल चोरी में जेल चला गया. कल्लू को आशंका थी कि उसे चोरी केस में अभय ने ही फंसाया है. जेल जाने के दौरान भी सुमित ने बाहर आने के बाद सबसे पहले अभय की हत्या करने की बात कही थी. वहीं बाबला गोप से भी अभय का पुराना विवाद है. वर्ष 2016 में जेल में भी अभय गिरि व बाबला के बीच झगड़ा हुआ था. जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच रंजिश बनी रही. वर्ष 2017 में बाबला के साथ झगड़ा होने के कुछ दिन के बाद हेते और उसके साथी अभय गिरि के पास ग्वाला बस्ती में फैसला करने गये थे. लेकिन ग्वाला बस्ती के लोगों व अभय गिरि ने उन्हें पीटकर भगा दिया था.
हेते गिरोह से होती रही है झड़प. अभय गिरि और हेते गिरोह के युवकों के बीच चार-पांच साल से झड़प होती रही है. स्कूल से शुरू हुई यह लड़ाई आपसी रंजिश में बदल गयी. अभय गिरि अक्सर रविदास से मिलने आता था, इस कारण वह हेते गिरोह के निशाने पर था. तड़ीपार होने के बाद अभय गिरि थोड़ा शांत पड़ा गया था. हाल के दिनों में वह अपराध से दूर हो रहा था. घटना के दिन भी वह काम से अपने दोस्त सूरज और रजक के साथ बाइक पर गया था .
अभय की स्थिति गंभीर, वेंटिलेशन पर. टीएमएच में भर्ती अभय की स्थिति शुक्रवार को गंभीर हो गयी. उसे वेंटिलेशन पर रखा गया है. अस्पताल में किये गये एक्स-रे से पता चला कि अभय के गर्दन में गोली नहीं फंसी है. गोली गर्दन को छेद कर पीछे कनपटी के पास से निकल गयी. गर्दन और कनपट्टी के पास दो छेद दिखाई देने के कारण पुलिस दो गोली लगने की बात बता रही थी. लेकिन एक्स-रे से यह स्पष्ट हुआ कि एक ही गोली अभय को लगी है. अभय को देखने आने लोग उसके पिता काशीनाथ से जानकारी लेते रहे.
कुछ माह तक बंद हाे गया था गैंगवार. सोनारी के पूर्व थाना प्रभारी अनिमेष गुप्ता ने क्षेत्र में गैंगवार पर विराम लगा दिया था. साेनारी की बस्तियों में होने वाली गैंगवार के आरोपियों को चिह्नित कर बारी-बारी से जेल भेज दिया गया था. इसमें विभिन्न मामलों में फरार आरोपी शामिल थे. कई अपराधियों को तड़ीपार की अनुशंसा कर जिला बदर कर दिया गया था. इससे सोनारी में कुछ दिनों तक शांति बनी रही. जेल से बाहर आने के बाद अपराधियाें को रोजाना थाना में हाजिरी लगाने की ड्यूटी दी गयी थी ताकि उनकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को रहे. वहीं जेल से बाहर आने के बाद सभी अपराधी फिर से बेलगाम हो गये है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >