संयुक्त उद्यम व सहायक कंपनियों से अलग होगी टाटा मोटर्स
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स बैलेंस शीट को मजबूत बनाने और भविष्य के लिए खुद को तैयार करने के लिए कुछ सहायक कंपनियों व संयुक्त उद्यमों से अलग होगी. ऐसी सहायक कंपनियों व संयुक्त उद्यम की कंपनी ने पहचान की है. आने वाले समय में कंपनी उससे निकलने की योजना बना रही है. गैर-प्रमुख कारोबार से […]
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स बैलेंस शीट को मजबूत बनाने और भविष्य के लिए खुद को तैयार करने के लिए कुछ सहायक कंपनियों व संयुक्त उद्यमों से अलग होगी. ऐसी सहायक कंपनियों व संयुक्त उद्यम की कंपनी ने पहचान की है. आने वाले समय में कंपनी उससे निकलने की योजना बना रही है.
गैर-प्रमुख कारोबार से निकलना टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की तरफ से तैयार बड़ी रणनीति का हिस्सा है. योजना के तहत कंपनी टाटा टेक्नोलॉजिज, टीएएल मैन्युफैक्चरिंग सॉल्युशंस, रक्षा कारोबार से संबंधित कंपनी की परिसंपत्तियों और देनदारी के अलावा टाटा-हिताची कंस्ट्रक्शन मशीनरी में निवेश की बिक्री करेगी. रक्षा कारोबार की बिक्री की प्रक्रिया टाटा संस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी को करने की प्रक्रिया चल रही है. टाटा हिताची और टाटा टेक्नोलॉजी के अलावा टाटा स्टील में हिस्सेदारी की बिक्री होनी है.
टाटा मोटर्स समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी पीबी बालाजी ने कहा कि यह काम तभी होगा जब कंपनी को अच्छी कीमत मिलेगी. पिछले महीने कंपनी ने कहा था कि वह रक्षा व एयरोस्पेस कारोबार की बिक्री समूह की इकाई टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को कर रही है. गैर-प्रमुख रक्षा कारोबार की बिक्री में आम लोगों के लिए बनाये गये वाहन शामिल नहीं हैं. सौदे के मुताबिक, टाटा मोटर्स को 1 अरब रुपये अग्रिम मिलेंगे, जो इस पर हुए पूंजीगत खर्च व सौदा समाप्ति की अवधि तक जरूरी कार्यशील पूंजी में बदलाव को देखते हुए तय किया गया है. इसका कंस्ट्रक्शन मशीनरी कारोबार अब रडार पर है.
उन्होंने कहा कि हिताची से बात कर रहे हैं. हम यह कारोबार हिताची को बेचना चाहते हैं. कंपनी इस कारोबार को बढ़ाना चाहती है. उन्होंने कहा कि इस कारोबार का प्रदर्शन इस साल अच्छा रहा है क्योंकि कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में तेजी रही. बालाजी ने कहा कि हमारा मानना है कि इस संयुक्त उद्यम के लिए यह सही समय है.