कंपनियों से गाड़ियों के डिस्पैच पर असर

जमशेदपुर : लगातार बारिश के कारण हाइवे में नाकेबंदी जैसे हालात हो गये हैं. जगह-जगह जाम लगा हुआ है. राजधानी रांची जाने के लिए एक मात्र रास्ता पारडीह एनएच है. बाकी रास्ते बंद हैं. कांड्रा चांडिल का पुल टूटा हुआ है और वहां का डाइवर्सन बह चुका है. वहीं कांड्रा से चौका जाने वाले रास्ते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 26, 2017 5:23 AM

जमशेदपुर : लगातार बारिश के कारण हाइवे में नाकेबंदी जैसे हालात हो गये हैं. जगह-जगह जाम लगा हुआ है. राजधानी रांची जाने के लिए एक मात्र रास्ता पारडीह एनएच है. बाकी रास्ते बंद हैं. कांड्रा चांडिल का पुल टूटा हुआ है और वहां का डाइवर्सन बह चुका है. वहीं कांड्रा से चौका जाने वाले रास्ते पर बनाया गया डाइवर्सन के ऊपर से पानी बह रहा है. इसके अलावा बहरागोड़ा के पास के एनएच पर बनाया गया डाइवर्सन भी बह चुका है. ऐसे में एनएच पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं.

साथ ही टाटा- रांची रोड में चल रहे निर्माण कार्य के कारण सड़क जर्जर बनी हुई है. आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शहर के लोगों के लिए सड़क मार्ग के जरिये कोलकाता जाने का रास्ता पूरी तरह बंद है जबकि ओड़िशा जाने के लिए हाता से रायरंगपुर होते हुए जाना होगा.इसके अलावा सारे विकल्प लगभग बंद हैं.

टाटा स्टील, टाटा मोटर्स समेत कई कंपनियां प्रभावित. जाम लगने से टाटा स्टील, टाटा मोटर्स समेत कई कंपनियों का डिस्पैच प्रभावित हुआ है. हालात यह है कि टाटा मोटर्स के यार्ड में गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी हैं. गाड़ियां बाहर नहीं निकल पा रही हैं. टाटा मोटर्स की गाड़ियां चूंकि बड़ी गाड़ियों से ही जाती है, इस कारण ज्यादा परेशानी है. टाटा स्टील या लाफार्ज के प्रोडक्ट रेलवे के माध्यम से जाते हैं, सड़क मार्ग से भी कुछ माल जाता है. ऐसे में कंपनियां पर्याप्त माल नहीं भेज पा रही हैं.