हजारीबाग : शहर में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है. शनिवार को सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार ने हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजना के विभिन्न कार्यों का स्थल निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण कार्य कर रही एलएंडटी एजेंसी को काम में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
निरीक्षण के दौरान कोलघट्टी स्थित बहुमंजिला प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को 25 अगस्त तक पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. वहीं, नूरा स्थित जलमीनार का निरीक्षण कर वहां से नियमित जलापूर्ति शुरू करने को कहा गया. सहायक नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और एजेंसी को जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू रखने तथा लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया. मौके पर अरुण बाउरी समेत अन्य लोग मौजूद थे.
RO प्लांट संचालकों पर निगम की सख्ती
इधर, शहर में संचालित RO वाटर प्लांटों को लेकर भी नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है. RO वाटर प्लांट संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के तहत नगर निगम से अनुज्ञप्ति और पंजीकरण लेना अनिवार्य बताया गया.
पंजीकरण के लिए संचालकों को आधार कार्ड, फर्म पंजीकरण दस्तावेज, अद्यतन विद्युत बिल, होल्डिंग टैक्स रसीद, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की NOC और वर्षा जल संचयन संरचना का विवरण जमा करना होगा.
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31 अगस्त तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश
नगर निगम के अनुसार अनुज्ञप्ति शुल्क 5 हजार रुपये, जबकि वार्षिक नवीनीकरण शुल्क 20 हजार रुपये निर्धारित किया गया है. सभी RO प्लांट संचालकों को 31 अगस्त 2026 तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
बिना वैध अनुज्ञप्ति प्लांट संचालित करने पर 50 हजार का जुर्माना
बिना वैध अनुज्ञप्ति RO प्लांट संचालित पाए जाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. निर्धारित समय सीमा में पंजीकरण नहीं कराने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
यानी शहर में एक ओर जलापूर्ति योजना को जल्द पूरा कराने पर जोर है, तो दूसरी ओर RO प्लांटों की मनमानी पर भी नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.
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