चौपारण. चौपारण सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से मरीज परेशान हैं. 20 सितंबर को आये दिन की तरह साइकिल से घर लौट रहे रामनारायण सिंह (58 वर्ष) को हारपुर मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने चपेट में ले लिया. स्थानीय लोग अफरा-तफरी में शाम करीब 6.10 बजे उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे, लेकिन इलाज के अभाव में घायल वृद्ध काफी देर तक बेड पर तड़पता रहा. भाजपा नेता विकास यादव ने बताया कि करीब एक घंटे बाद आयुष चिकित्सक डॉ पंकज कुमार पहुंचे, उसके बाद इलाज शुरू हुआ. उन्होंने मरहम पट्टी कर घायल को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. इससे लोगों में आक्रोश है. अस्पताल में जुटे लोग कहने लगे कि करीब दो लाख की आबादी वाला यह प्रखंड महज तीन चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है. मांग के बावजूद अतिरिक्त चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो रही है. सीएचसी प्रभारी अक्सर अस्पताल में मौजूद नहीं रहते हैं. जिससे आकस्मिक स्थिति में मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है. घायल के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर डॉक्टर मौजूद रहते, तो मरीज को बेहतर देखभाल मिल सकती थी. ग्रामीणों ने सिविल सर्जन से सीएचसी चौपारण में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों का पदस्थापन एवं प्रभारी की अनुपस्थिति पर कार्रवाई की मांग की है. यह केंद्र चौपारण जीटी रोड पर है. अक्सर दुर्घटना में घायल लोग अस्पताल इलाज के लिए पहुंचते हैं. ग्रामीणों ने कहा कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ फरहाना महफूज ने कहा कि घायल व्यक्ति के पहुंचने के कुछ देर पहले अस्पताल से निकल चुकी थी. अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी है. ऐसी स्थिति में आयुष चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है.
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