हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: उत्तरी छोटानागपुर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार (आरटीए) मुख्यालय, हजारीबाग में नई सचिव के रूप में सुजाता कुजूर ने पदभार ग्रहण कर लिया है. पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और परिवहन नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी. साथ ही आम लोगों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
सात जिलों की परिवहन व्यवस्था की होगी निगरानी
पदभार ग्रहण करने के बाद सुजाता कुजूर ने बताया कि उत्तरी छोटानागपुर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार के अंतर्गत हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिले आते हैं. इन सभी जिलों में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और परिवहन संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
समय सीमा के भीतर जारी होंगे वाहन परमिट
नई आरटीए सचिव ने कहा कि बस, ट्रक, टैक्सी, ऑटो समेत अन्य व्यावसायिक और आवश्यक वाहनों के परमिट निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी किए जाएंगे. इससे परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्यालय में लंबित मामलों के निष्पादन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि लोगों को समय पर सेवाएं मिल सकें और परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम बन सके.
लोहरदगा में एलआरडीसी के पद पर थीं तैनात
सुजाता कुजूर इससे पहले लोहरदगा जिले में एलआरडीसी (लैंड रिफॉर्म्स डिप्टी कलेक्टर) के पद पर कार्यरत थीं. प्रशासनिक कार्यों का उनका अनुभव अब परिवहन विभाग में भी उपयोगी साबित होने की उम्मीद है. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर कार्यों की प्राथमिकताओं पर चर्चा भी की.
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पहली महिला आरटीए सचिव बनने का गौरव
झारखंड राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब उत्तरी छोटानागपुर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार, हजारीबाग में किसी महिला अधिकारी को आरटीए सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सुजाता कुजूर इस पद पर कार्य करने वाली 32वीं सचिव हैं. उनकी नियुक्ति को महिला नेतृत्व और प्रशासनिक क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी के रूप में भी देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों और विभागीय कर्मियों ने उनसे बेहतर परिवहन व्यवस्था और प्रभावी प्रशासनिक कार्यशैली की उम्मीद जताई है.
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