टाटीझरिया(हजारीबाग). प्रखंड के मुक्ति दुधमनिया में गुरुवार को शहीद महेंद्र प्रताप सिंह का शहादत दिवस मनाया जायेगा. महेंद्र प्रताप सिंह ने जमींदारों और सूदखोरों के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया और गरीब, पिछड़े, दलित एवं शोषित वर्ग के लोगों के हक के लिए आवाज उठायी.
महाजनों के चंगुल से सैकड़ों लोगों को कराया मुक्त
बताया जाता है कि उस दौर में जमींदारों और महाजनों के अत्याचार से ग्रामीण परेशान थे. महेंद्र प्रताप सिंह ने ऐसे लोगों के खिलाफ करीब 15 वर्षों तक संघर्ष किया. उन्होंने सैकड़ों लोगों को महाजनों के चंगुल से मुक्त कराया और उनके पुनर्वास के लिए भी प्रयास किया. उनका मानना था कि महाजनों के कब्जे से जमीन मुक्त कराने के बाद लोगों को अकेला छोड़ने के बजाय उन्हें एक जगह बसाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई उनकी जमीन पर दोबारा कब्जा न कर सके.
रांची विश्वविद्यालय से किया था एमए
महेंद्र प्रताप सिंह ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में एमए किया था. वे पूर्व मंत्री स्व टेकलाल महतो के करीबी माने जाते थे. उन्होंने शिबू सोरेन और विनोद बिहारी महतो जैसे नेताओं को क्षेत्र में आमंत्रित कर बड़ी सभाएं भी आयोजित की थीं. उनके आंदोलन से सूदखोरों के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ी.
10 सितंबर 1983 को कर दी गयी थी हत्या
बताया जाता है कि उनके आंदोलन से नाराज कुछ लोगों ने 10 सितंबर 1983 को उनकी हत्या कर दी. शोषित और वंचित वर्ग के लिए उनके संघर्ष को आज भी याद किया जाता है. उनके पुत्र व पूर्व जिला परिषद सदस्य सह झामुमो प्रखंड अध्यक्ष रवि कुमार सिंह भी लोगों की सेवा में सक्रिय हैं.
